BreakingFeaturedकोरबाक्राइम

Breaking: कोरबा में पर्यावरण विभाग की अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक; करोड़ों की ‘अवैध बैटरी’ से लदी लॉरी ज़ब्त, कबाड़ माफियाओं में हड़कंप!

​कोरबा। Korba Illegal Battery Seizure औद्योगिक नगरी कोरबा में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पर्यावरण विभाग की टीम ने डीडीएम रोड पर एक गुप्त सूचना के आधार पर नाकेबंदी कर करोड़ों रुपये की अवैध बैटरियों से भरी एक विशाल लॉरी को रंगे हाथों ज़ब्त कर लिया। कबाड़ और स्क्रैप के अवैध काले कारोबार के खिलाफ इसे जिले में पर्यावरण विभाग की अब तक की सबसे बड़ी और सीधी कार्रवाई माना जा रहा है।

​इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद से ही जिले के बड़े कबाड़ कारोबारियों और सिंडिकेट चलाने वालों के होश उड़े हुए हैं।

 

​करोड़ों का माल, रीसाइक्लिंग का काला खेल!

​सूत्रों के मुताबिक, ज़ब्त की गई बैटरियों की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इन पुरानी और कबाड़ हो चुकी बैटरियों को बिना किसी वैध दस्तावेज़, परमिशन या सुरक्षा मानकों के खपाने की तैयारी थी।

​आमतौर पर इस तरह के मामलों में स्थानीय पुलिस या खनिज विभाग कार्रवाई करता है, लेकिन इस बार पर्यावरण विभाग (Environment Department) ने खुद कमान संभाली। विशेषज्ञों के अनुसार, इन बैटरियों में मौजूद लेड (सीसा) और खतरनाक एसिड पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए बेहद घातक होते हैं, जिन्हें बिना सरकारी गाइडलाइन के ट्रांसपोर्ट या रीसायकल करना संगीन जुर्म की श्रेणी में आता है।

​डीडीएम रोड पर बिछाया गया जाल, कबाड़ सिंडिकेट में खलबली

​बताया जा रहा है कि विभाग को सटीक इनपुट मिला था कि डीडीएम रोड के रास्ते करोड़ों के अवैध स्क्रैप की एक बड़ी खेप पार होने वाली है। टीम ने बिना वक्त गंवाए जाल बिछाया और गाड़ी को धर दबोचा। पर्यावरण विभाग की ‘स्क्रैप धरपकड़’ में इस धमाकेदार एंट्री ने उन सफेदपोश कबाड़ माफियाओं की नींद उड़ा दी है, जो लंबे समय से जिले में अवैध डंपिंग और परिवहन का जाल फैलाए हुए थे। जनमानस में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर व्यस्तम डीडीएम रोड से करोड़ों का यह अवैध माल किसकी शह पर गुज़र रहा था? यह लॉरी कहाँ से लोड हुई थी और इसका असली मालिक कौन है?

​कठोर कार्रवाई की तैयारी

​विभाग अब गाड़ी के दस्तावेज़ों, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (Hazardous Waste Rules) के उल्लंघन और माल के सोर्स की बारीकी से जांच कर रहा है। माना जा रहा है कि इस मामले में न सिर्फ भारी-भरकम जुर्माना लगेगा, बल्कि सिंडिकेट से जुड़े कुछ बड़े रसूखदारों पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कर गैर-जमानती धाराओं के तहत जेल भेजने की तैयारी है।

​इस जब्ती ने साफ कर दिया है कि अब कोरबा में अवैध कबाड़ का धंधा करने वालों के खैर नहीं है। अब देखना होगा कि जांच की आंच कबाड़ बाज़ार के किन-किन बड़े मगरमच्छों तक पहुँचती है!

 

​पल-पल की अपडेट के लिए बने रहिए newspowerzone.com के साथ…

Related Articles

Back to top button