Korba Sneh Sadan : कोरबा का स्नेह सदन बना पलायन केंद्र…! 17 महीने में 32 वरिष्ठ नागरिकों ने छोड़ा आश्रय…उठे बड़े सवाल
कुप्रबंधन के गंभीर आरोप
कोरबा, 30 जुलाई। Korba Sneh Sadan : कोरबा के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्नेह सदन वृद्धाश्रम एक बार फिर विवादों में है। सूचना के अधिकार (RTI) से सामने आई जानकारी के अनुसार जनवरी 2025 से मई 2026 तक महज 17 महीनों में 32 वरिष्ठ नागरिकों ने वृद्धाश्रम छोड़ दिया, जबकि वर्तमान में यहां केवल 20 बुजुर्ग ही रह रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस सरकारी वृद्धाश्रम से लगातार हो रहे पलायन ने इसकी व्यवस्थाओं और संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सर्वमंगला मंदिर के समीप स्थित भंडारा गृह भवन को DMF मद से एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत में 60 सीटर वृद्धाश्रम के रूप में विकसित किया गया था। इसके संचालन के लिए भी हर महीने पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में बुजुर्गों के आश्रम छोड़ने की घटनाएं सामने आने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
RTI में मिली जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2025 में 8 बुजुर्गों ने प्रवेश लिया था, लेकिन उसी महीने 3 बुजुर्ग आश्रम छोड़कर चले गए। इसके बाद लगभग हर महीने किसी न किसी वरिष्ठ नागरिक ने वृद्धाश्रम छोड़ दिया और मई 2026 तक यह संख्या बढ़कर 32 पहुंच गई।
सूत्रों के अनुसार, कई वरिष्ठ नागरिकों ने वृद्धाश्रम में अव्यवस्था, उपेक्षा और प्रबंधन संबंधी खामियों की शिकायत समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से की थी। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद व्यवस्थाओं में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। यह भी दावा किया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर सुधार के लिए पत्राचार होने के बावजूद हालात में अपेक्षित बदलाव नहीं आया।
इसके अलावा, वृद्धाश्रम में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों के बजाय चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है, जिससे कई पात्र बुजुर्गों को आश्रय नहीं मिल पा रहा।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला सरकारी वृद्धाश्रमों की व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।






