Chhattisgarh Rain : बारिश का कहर…! 9 करोड़ का पुल ढहा…बच्चा नदी में बहा…दंपती के शव मिले…कई जिलों में रेड अलर्ट जैसे हालात
रायपुर में महादेव घाट पर खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर
रायपुर, 30 जुलाई। Chhattisgarh Rain : छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में नदियां उफान पर हैं, सड़क संपर्क टूट गया है और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गरियाबंद में निर्माणाधीन पुल ढह गया, सूरजपुर में एक बच्चा नदी में बह गया, जबकि सारंगढ़-बिलाईगढ़ में चार दिन बाद लापता दंपती के शव बरामद किए गए। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
9 करोड़ का निर्माणाधीन पुल ढहा
गरियाबंद जिले की उदंती नदी पर ओडिशा सरकार की ओर से करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा निर्माणाधीन पुल तेज बारिश के बीच भरभराकर गिर गया। यह पुल छत्तीसगढ़ के अमलीगांव को ओडिशा के चार गांवों से जोड़ने वाला था। पुल गिरने से दोनों राज्यों के बीच स्थानीय संपर्क प्रभावित हो गया है।
रायपुर में महादेव घाट पर खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर
लगातार बारिश के कारण रायपुर के महादेव घाट पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और घाटों पर जाने से बचने की अपील की है।
सूरजपुर में 10 वर्षीय बच्चा नदी में बहा
सूरजपुर जिले के चपदा गांव में ढेकी नदी के तेज बहाव में 10 वर्षीय बच्चा बह गया। एनडीआरएफ की टीम लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक बच्चे का पता नहीं चल सका था।
गौठान बना टापू, 300 गायें फंसी
गरियाबंद के सुहागपुर गौठान में बाढ़ का पानी भर जाने से पूरा परिसर चारों ओर से घिर गया। एक परिवार को नगर सेना ने सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन गौठान में मौजूद करीब 300 गायें अभी भी पानी से घिरी हुई हैं।
चार दिन बाद मिले दंपती के शव
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में उफनते नाले में बह गए उप सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी सविता पटेल के शव चार दिन बाद उनकी कार के अंदर मिले। विशेष रेस्क्यू टीम ने वाहन और दोनों शवों को बाहर निकाला।
बालोद में आकाशीय बिजली का कहर
बालोद जिले के लिमहाटोला गांव में पेड़ के नीचे खड़े 8 मवेशियों की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। घटना के समय चरवाहा सुरक्षित बच गया।
कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उत्तर आंतरिक ओडिशा के ऊपर बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से रायपुर, दुर्ग, बस्तर सहित कई जिलों में अगले 24 घंटे तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। 31 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं।
बांधों से छोड़ा जा रहा पानी
सिकासार बांध से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पैरी नदी किनारे अलर्ट जारी किया गया है। वहीं धमतरी के सोंढूर डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं और प्रशासन जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।






