कोरबा

Fund Misuse : DMF फंड दुरुपयोग मामले की जांच के लिए कोरबा पहुंची संभागायुक्त की टीम…! हाईकोर्ट के आदेश के बाद 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

कोयला मंत्रालय से शुरू हुआ मामला, पूर्व कलेक्टर की भूमिका पर सवाल

कोरबा, 14 जनवरी। Fund Misuse : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला खनिज न्यास मद (DMF) के कथित दुरुपयोग और कुप्रबंधन से जुड़ी शिकायत की जांच के लिए बिलासपुर संभाग आयुक्त द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम बुधवार को कोरबा पहुंच रही है। यह टीम शिकायतों की जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

जांच टीम में उपायुक्त (विकास) हरिशंकर चौहान, उपायुक्त (राजस्व) स्मृति तिवारी और लेखाधिकारी संभाग आयुक्त कार्यालय स्मिता पांडे शामिल हैं। टीम जिला खनिज प्रतिष्ठान ट्रस्ट (DMFT) फंड के उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।

कोयला मंत्रालय से शुरू हुआ मामला

जानकारी के अनुसार कोरबा के सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी चौहान ने 22 अक्टूबर 2024 को कोयला मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कोरबा जिले में DMFT फंड के दुरुपयोग और कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। कोयला मंत्रालय ने यह शिकायत जांच के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव को भेजी। इसके बाद मुख्य सचिव ने मामला खनिज संसाधन विभाग को सौंपा, जहां से यह शिकायत जांच के लिए बिलासपुर संभाग आयुक्त को भेजी गई।

महीनों तक नहीं हुई जांच

आरोप है कि संभाग आयुक्त कार्यालय में कई महीनों तक शिकायत की फाइलें लंबित रहीं। शिकायतकर्ता द्वारा पत्राचार करने पर शिकायत को जांच के लिए कोरबा कलेक्टर को भेज दिया गया, लेकिन वहां भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लंबे इंतजार के बाद भी जब जांच शुरू नहीं हुई तो लक्ष्मी चौहान ने एक बार फिर कोयला मंत्रालय से शिकायत की, इसके बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ी।

पूर्व कलेक्टर की भूमिका पर सवाल

इस मामले में संभाग आयुक्त कार्यालय द्वारा एक से डेढ़ वर्ष की अवधि में कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर अजीत वसंत को पांच बार पत्र भेजे गए, जिनमें DMF फंड के दुरुपयोग की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, कलेक्टर रहते हुए अजीत वसंत ने जांच नहीं कराई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने बिलासपुर हाईकोर्ट का रुख किया, जिससे अब पूर्व कलेक्टर की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हाईकोर्ट की सख्ती

याचिकाकर्ता लक्ष्मी चौहान की याचिका पर सोमवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने DMF फंड के दुरुपयोग से जुड़े तथ्य अदालत के समक्ष रखे। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने कोर्ट को बताया कि यह शिकायत 20 नवंबर 2024 को खनन मंत्रालय भारत सरकार के अवर सचिव के माध्यम से राज्य सरकार तक पहुंची थी।

अदालत को यह भी बताया गया कि जांच के सिलसिले में याचिकाकर्ता को 14 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे कोरबा स्थित खनिज न्यास कार्यालय में उपस्थित होने के लिए बुलाया गया है। साथ ही संभागायुक्त द्वारा इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। अब हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद DMF फंड के कथित दुरुपयोग की जांच तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

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