कोरबा/बिलासपुर, 29 मई। ACB Action : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। कोरबा जिले के तुमान में आयोजित ‘सुशासन तिहार समाधान शिविर’ के दौरान बिलासपुर ACB की टीम ने अचानक दबिश देकर शिक्षा विभाग के सहायक ग्रेड-2 (बाबू) प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जनता की समस्याएं सुलझाने के लिए लगाए गए सरकारी शिविर में ही घूसखोरी का यह खेल देखकर वहां मौजूद लोग भी दंग रह गए।
पेंशन काम के लिए चक्कर कटवा रहा था बाबू
मिली जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल अपनी पेंशन से जुड़े किसी जरूरी काम को कराने के लिए लंबे समय से दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय (BEO) तुमान में पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा ने उनका काम करने के एवज में 40 हजार रुपये की मोटी रकम की मांग की थी।
पीड़ित का साहसिक कदम: सेवानिवृत्त शिक्षक रिश्वत नहीं देना चाहते थे। उन्होंने परेशान होकर इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और मामले की सीधी शिकायत बिलासपुर ACB से कर दी।
शिविर के भीतर ही बिछाया गया जाल
शिकायत की तस्दीक करने के बाद ACB की टीम ने बाबू को पकड़ने के लिए पूरा जाल बिछाया। शुक्रवार को तुमान में ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ‘सुशासन तिहार समाधान शिविर’ का आयोजन किया गया था। आरोपी बाबू प्रदीप मिश्रा भी इस शिविर में ड्यूटी पर था।
जैसे ही पीड़ित शिक्षक ने केमिकल लगे 40 हजार रुपये बाबू प्रदीप मिश्रा को सौंपे, पहले से मुस्तैद ACB की टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया। टीम ने तत्काल आरोपी के हाथ धुलवाए, तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो घूस लेने का पुख्ता सबूत है।
दफ्तरों में मचा हड़कंप
सुशासन के मंच से ही भ्रष्टाचार के आरोपी की गिरफ्तारी (ACB Action) के बाद पूरे शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। ACB की टीम ने आरोपी बाबू को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



