छत्तीसगढ़

IGKV Paper Leak : प्रोफेसर निकला मास्टरमाइंड, सीलबंद लिफाफे में छेद कर बनाया पेपर का वीडियो; 6 गिरफ्तार

रायपुर, 22 अगस्त। GKV Paper Leak Case : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर की बीएससी सेकंड ईयर एंटोमोलॉजी परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। तेलीबांधा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में कथित पेपर लीक रैकेट का पर्दाफाश करते हुए प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 2 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

सीलबंद लिफाफे में किया ऐसा खेल

पुलिस जांच के अनुसार, इस मामले का कथित मास्टरमाइंड दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। बताया गया है कि आरोपी पिछले करीब एक साल से विश्वविद्यालय से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और प्रश्नपत्र ले जाने का काम कर रहा था।

पुलिस के मुताबिक, 17 अगस्त को प्रश्नपत्रों का सीलबंद लिफाफा घर ले जाने के बाद आरोपी ने सुई और सूजे की मदद से लिफाफे में छोटा छेद किया। इसके बाद करीब ₹2,500 में खरीदे गए एंडोस्कोपी कैमरे से प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई।

जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर प्रश्नपत्र ₹11 हजार में छात्रों को बेचा गया, जिसके बाद इसकी तस्वीर/वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई।

36 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मामला

पेपर लीक की सूचना सामने आने के बाद रायपुर पुलिस ने 100 से अधिक जवानों की टीम और साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। पुलिस का दावा है कि करीब 36 घंटे के भीतर पूरे नेटवर्क का पता लगा लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया के अलावा अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू शामिल हैं।

पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद?

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कथित तौर पर-₹11,000 नगद, 6 मोबाइल फोन, एंडोस्कोपी रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, सुई, सूजा, फेविकोल समेत अन्य सामान बरामद किया है।

परीक्षा रद्द, 5 सदस्यीय समिति गठित

पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएससी सेकंड ईयर एंटोमोलॉजी परीक्षा निरस्त कर दी है। मामले की विस्तृत जांच के लिए विश्वविद्यालय की ओर से 5 सदस्यीय जांच समिति भी गठित की गई है।

सीलबंद लिफाफा, सुई और एंडोस्कोपी कैमरा! IGKV पेपर लीक में प्रोफेसर की कथित करतूत ने परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों और सोशल मीडिया पर पेपर फैलाने वाले नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।

 

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