छत्तीसगढ़

IGKV Paper Leak : परीक्षा से 2 घंटे पहले व्हाट्सएप पर लॉन्च पेपर, दुर्ग के प्राइवेट कॉलेज से लिंक, प्रोफेसर सहित 6 गिरफ़्तार

रायपुर, 22 अगस्त। IGKV Paper Leak : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की कीट विज्ञान परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में पेपर लीक का कनेक्शन दुर्ग के एक निजी कॉलेज से जुड़ता नजर आया है। पुलिस ने मामले में एक प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं कुछ छात्रों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस आज पूरे मामले का खुलासा कर सकती है।

परीक्षा से दो घंटे पहले WhatsApp पर पहुंचा प्रश्नपत्र

IGKV की 20 अगस्त को कीट विज्ञान की परीक्षा प्रस्तावित थी। परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले प्रश्नपत्र WhatsApp के जरिए छात्रों तक पहुंच गया। पेपर वायरल होने की जानकारी सामने आते ही छात्रों में हड़कंप मच गया और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने परीक्षा स्थगित कर दी।

इसके बाद मामले की शिकायत तेलीबांधा थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने पेपर लीक की पूरी कड़ी खंगालने के लिए तकनीकी जांच शुरू की।

मोबाइल चैट ने खोला पेपर लीक का राज

पुलिस ने जांच के दौरान रायपुर, दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव और बिलासपुर में दबिश दी। मोबाइल फोन, WhatsApp चैट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस संदिग्धों तक पहुंची।

जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र सबसे पहले दुर्ग के एक निजी कॉलेज से बाहर निकलने की आशंका है। इसके बाद इसे WhatsApp के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया। पुलिस ने इसी कड़ी में प्रोफेसर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

छात्रों की भूमिका भी जांच के घेरे में

पेपर लीक की जांच सिर्फ कॉलेज और प्रोफेसर तक सीमित नहीं है। पुलिस को कुछ छात्रों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि लीक हुआ प्रश्नपत्र किन-किन लोगों के मोबाइल तक पहुंचा और इसे आगे किसने वायरल किया।पुलिस अब तक 16 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। कवर्धा के दो छात्रों से भी पूछताछ की गई है।

WhatsApp चैट और तकनीकी साक्ष्य बने अहम कड़ी

पूरे मामले में पुलिस मोबाइल चैट और तकनीकी साक्ष्यों को अहम आधार मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रश्नपत्र के स्रोत से लेकर उसके छात्रों तक पहुंचने की पूरी चेन खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि पेपर किस स्तर पर लीक हुआ, किसने सबसे पहले इसे हासिल किया और कितने छात्रों तक इसे पहुंचाया गया।

CM साय ने दिए थे सख्त जांच के निर्देश

IGKV पेपर लीक मामले को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लिया था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल चैट के आधार पर जांच तेज की और संदिग्धों की गिरफ्तारी की।

अब पुलिस के आधिकारिक खुलासे के बाद यह साफ होगा कि पेपर लीक की शुरुआत कहां से हुई और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था।

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