Mahadev App Case: सौरभ चंद्राकर ने जताई जान को खतरे की आशंका, भारत लौटने पर सुरक्षा की मांग; जांच में बड़े खुलासे के संकेत
नई दिल्ली, 21 अगस्त। Mahadev App Case: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में कथित किंगपिन सौरभ चंद्राकर को भारत लाए जाने की प्रक्रिया के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है। ओमान में हिरासत में मौजूद चंद्राकर ने कथित तौर पर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उसने आशंका जताई है कि भारत की जेल में उसकी जान को खतरा हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर ने ओमान के अधिकारियों के समक्ष कहा है कि यदि भारत लाए जाने के बाद उसे पर्याप्त सुरक्षा और निष्पक्ष माहौल उपलब्ध कराया जाता है, तो वह जांच एजेंसियों को महादेव ऐप से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए तैयार है।
दूसरे आरोपियों से अलग और सुरक्षित रखने की मांग
सौरभ चंद्राकर ने कथित तौर पर भारत आने के बाद उसे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों से अलग और सुरक्षित रखने की मांग की है। उसके दावे के मुताबिक, उसके पास कथित राजनीतिक संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और विदेशों में मौजूद संपत्तियों से संबंधित जानकारी है।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां उसके संभावित बयानों को दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सबूतों से सत्यापित करेंगी।
परिवार की सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता
सौरभ चंद्राकर ने अपने परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है। उसका कथित दावा है कि मामले से जुड़े प्रभावशाली लोगों के कारण उसे या उसके परिवार को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा पूछताछ के दौरान न्यायिक निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग से जुड़ी बातें भी सामने आई हैं।
ओमान में हिरासत, भारत लाने की प्रक्रिया जारी
सौरभ चंद्राकर फिलहाल ओमान में पुलिस हिरासत में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसे इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर हिरासत में लिया गया है। भारत की जांच एजेंसियां उसे भारत वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं। वहीं, ओमान में भी उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चल रही है। इसलिए भारत प्रत्यर्पण से पहले ओमान की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
बयान से बदल सकती है महादेव ऐप केस की जांच?
महादेव ऐप मामले में कथित वित्तीय नेटवर्क, विदेशों में लेन-देन और प्रभावशाली लोगों से जुड़े संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है। ऐसे में सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि भारत आने के बाद वह कोई बड़ा दावा करता है, तो जांच एजेंसियों के सामने उन दावों को ठोस दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से सत्यापित करने की चुनौती होगी।
महत्वपूर्ण: केवल किसी आरोपी के बयान के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। अब अहम सवाल यह है कि सौरभ चंद्राकर को भारत कब लाया जाता है और पूछताछ के दौरान वह जांच एजेंसियों को क्या जानकारी देता है। यदि उसके दावों की पुष्टि ठोस सबूतों से होती है, तो महादेव ऐप मामले की जांच का दायरा और बढ़ सकता है।















