Raipur Bank Fraud : ग्राहक को बिना बताए बदला मोबाइल नंबर…FD तोड़कर ₹14.97 लाख ट्रांसफर…बैंक उप प्रबंधक पर आरोप
बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल
रायपुर, 17 अगस्त। Raipur Bank Fraud : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। देवेंद्र नगर स्थित एक्सिस बैंक शाखा में एक ग्राहक के खाते से उसकी जानकारी के बिना मोबाइल नंबर बदलने, फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़ने और करीब ₹14.97 लाख दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का आरोप लगा है। मामले में बैंक के उप प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ग्राहक को पता चले बिना बदल दिया मोबाइल नंबर
पुलिस शिकायत के मुताबिक, खाताधारक सुषमा कुमार के बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर को 17 जुलाई 2025 को बदल दिया गया था। आरोप है कि बैंक के उप प्रबंधक कुलदीप सिंह ने कथित तौर पर फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म के जरिए मोबाइल नंबर में बदलाव कराया। मोबाइल नंबर बदलने के बाद आरोपी को ग्राहक के नेट बैंकिंग और बैंक ऐप से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच मिल गई।
FD तोड़ी और खाते से उड़ाए करीब ₹15 लाख
आरोप के मुताबिक, इसके बाद बैंक ऐप के माध्यम से ग्राहक की करीब ₹14.40 लाख की FD समय से पहले बंद कराई गई।
FD से मिली रकम और खाते में मौजूद अन्य राशि को मिलाकर कुल ₹14,97,451 गुढ़ियारी स्थित इंडियन सेल्स के खाते में ट्रांसफर किए जाने की बात शिकायत में सामने आई है। यह खाता फर्म के प्रोपराइटर योगेश येडे के नाम से बताया गया है। इसके बाद चेक और ATM के माध्यम से भी रकम निकालने की जानकारी सामने आई है।
7 अगस्त को ऐसे खुला पूरा मामला
मामले का खुलासा 7 अगस्त को हुआ, जब सुषमा कुमार बैंक शाखा पहुंचीं और अपने खाते में हुए लेन-देन की जानकारी देखी। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने आंतरिक जांच शुरू की। जांच में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद शाखा प्रमुख रितेन्द्र रामटेके ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में जुटी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर बदलने की प्रक्रिया, कथित फर्जी रिक्वेस्ट फॉर्म और चेक-ATM से हुए लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि करीब 15 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर और निकासी की पूरी प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल
यह मामला सिर्फ रकम की कथित धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है। ग्राहक की जानकारी के बिना मोबाइल नंबर बदलना और उसके बाद बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल किए जाने के आरोप ने बैंक के अंदरूनी सिस्टम, कर्मचारी स्तर की सुरक्षा और ग्राहक डेटा की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले में आरोपों की वास्तविक स्थिति और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।















