
कोरबा। Korba Police Independence Day 2026 स्वतंत्रता दिवस पर जब देशभर में तिरंगा शान से लहराया, तब कोरबा में खाकी ने ऐसा काम किया जिसने पुलिस और जनता के रिश्ते को एक भावुक तस्वीर में बदल दिया। सर्वमंगला चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक विभव तिवारी ने हर बार की तरह इस बार भी ध्वजारोहण की कमान खु9द संभालने के बजाय प्रशांति वृद्धा आश्रम में रहने वाली 82 वर्षीय श्रीमती जोधीन बाई पटेल को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया और उनके हाथों तिरंगा फहरवाया।

तिरंगा फहराने के उस पल में जोधीन बाई भावुक हो उठीं। आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और चेहरे पर गर्व साफ नजर आया। यह सिर्फ ध्वजारोहण नहीं था, बल्कि उस बुजुर्ग महिला के लिए सम्मान, अपनापन और समाज से जुड़े होने का एक यादगार एहसास था।
जब खाकी ने वर्दी से पहले इंसानियत दिखाई
आमतौर पर राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण अधिकारियों और विशिष्ट लोगों के हाथों होता है। लेकिन सर्वमंगला चौकी प्रभारी ने परंपरा से हटकर एक ऐसी पहल की, जिसमें पुलिस की वर्दी के पीछे छिपी संवेदनशीलता सामने आई।
जोधीन बाई ने चौकी प्रभारी को आशीर्वाद दिया और कहा कि यह पल उनके जीवन के बेहद खास पलों में से एक है। कार्यक्रम के बाद पुलिस टीम ने उनका सम्मान किया, हालचाल जाना और स्वल्पाहार भी कराया।
पुलिस-पब्लिक के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर
यह पहल सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही। इसने पुलिस और आम जनता के बीच भरोसे और अपनत्व की तस्वीर भी पेश की। जिस खाकी को अक्सर कानून और कार्रवाई से जोड़कर देखा जाता है, उसी खाकी ने स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान और संवेदना का चेहरा दिखाया।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे छोटे लेकिन दिल छू लेने वाले प्रयास पुलिस और जनता के बीच दूरी कम करते हैं।
एक तरफ हाथ में तिरंगा था, दूसरी तरफ आंखों में आंसू… और बीच में खड़ी थी खाकी, जिसने साबित कर दिया कि पुलिस सिर्फ कानून की रखवाली नहीं करती, बल्कि जरूरत पड़ने पर दिल भी जीतती है।







