नई दिल्ली, 15 अगस्त। Gen-Z : 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन इस बार खास तौर पर Gen-Z, छात्रों, शोधकर्ताओं और युवा शक्ति पर केंद्रित रहा। प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं और छात्रों की भूमिका को सबसे अहम बताया।
1. फ्री कोचिंग नेटवर्क का बड़ा ऐलान
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने फ्री कोचिंग का बड़ा नेटवर्क तैयार करने की बात कही। इसका लक्ष्य गरीब और छोटे शहरों-गांवों के छात्रों तक बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा पहुंचाना है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन कोचिंग, स्टडी मटेरियल और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि आर्थिक स्थिति प्रतिभाशाली युवाओं की राह में बाधा न बने।
2. रिसर्च और इनोवेशन के लिए ₹1 लाख करोड़
युवाओं को रिसर्च और इनोवेशन से जोड़ने के लिए ₹1 लाख करोड़ के फंड का उल्लेख प्रधानमंत्री ने किया। पीएम मोदी ने भारत को तकनीक का सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक इनोवेशन हब बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने युवा स्टार्टअप्स और स्पेस टेक्नोलॉजी में युवाओं की बढ़ती भागीदारी का भी जिक्र किया।
3. भारत में ही मिलेगी Global Education
Gen-Z के लिए एक और बड़ा विजन भारत में ग्लोबल स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने का है। प्रधानमंत्री ने बताया कि दुनिया की शीर्ष विदेशी यूनिवर्सिटीज भारत में आ रही हैं। इससे भारतीय छात्रों को देश में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, रिसर्च और ग्लोबल एक्सपोजर हासिल करने के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
4. 650 नई यूनिवर्सिटीज और मेडिकल शिक्षा का विस्तार
प्रधानमंत्री ने उच्च शिक्षा के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में देश में 650 नई यूनिवर्सिटीज खुली हैं। मेडिकल शिक्षा में भी सीटों की संख्या बढ़ने का उल्लेख किया गया। पीएम मोदी ने 2014 से पहले और उसके बाद मेडिकल शिक्षा के विस्तार की तुलना करते हुए युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों पर जोर दिया।
5. Skill Development और डिजिटल लर्निंग पर फोकस
प्रधानमंत्री ने युवाओं के Skill Development को भी विकसित भारत की नींव बताया। नई शिक्षा नीति के जरिए रटने के बजाय व्यावहारिक और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर देने की बात कही गई।
साथ ही सस्ते इंटरनेट और डिजिटल कनेक्टिविटी ने युवाओं के लिए घर बैठे नई स्किल सीखने, ऑनलाइन शिक्षा लेने, स्टार्टअप शुरू करने और डिजिटल इकोनॉमी से जुड़ने के अवसर बढ़ाए हैं।
विकसित भारत @2047 की कमान युवाओं के हाथ
लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में देश की युवा शक्ति निर्णायक भूमिका निभाएगी। शिक्षा से लेकर AI, रिसर्च, स्टार्टअप और डिजिटल इकोनॉमी तक युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने पर सरकार का फोकस है।