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Korba News: एसपी के निर्देश पर साइबर अपराध के खिलाफ कोरबा पुलिस की बड़ी पहल, कॉलेजों तक पहुंचा जागरूकता अभियान; साइबर सेल प्रभारी ललित चंद्रा की टीम ने 120 युवाओं को बनाया ‘साइबर सजग’

कोरबा।Korba Police Cyber Awareness Campaign  साइबर अपराध आज केवल तकनीक का खतरा नहीं, बल्कि आम आदमी की मेहनत की कमाई और निजी जानकारी के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे दौर में कोरबा पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ अपराध से पहले लोगों को जागरूक करने की रणनीति पर भी जोर दिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले में चलाया जा रहा साइबर जागरूकता अभियान अब युवाओं तक पहुंच रहा है।

 

इसी अभियान के तहत मानिकपुर स्थित ओरिएंटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां करीब 120 छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी गई।

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एसपी की पहल, साइबर सुरक्षा को लेकर जमीनी अभियान

 

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर चल रहे इस अभियान की खासियत यह है कि साइबर सुरक्षा की जानकारी केवल पुलिस कार्यालयों या औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रखी जा रही, बल्कि स्कूल, कॉलेज और युवा वर्ग तक सीधे पहुंचाई जा रही है।

 

पुलिस का मानना है कि युवा डिजिटल प्लेटफॉर्म का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में उन्हें साइबर ठगों के नए हथकंडों की जानकारी देना अपराध की रोकथाम की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है।

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साइबर सेल प्रभारी ललित चंद्रा की टीम ने खोली ठगी के तरीकों की ‘पोल’

 

कार्यक्रम में साइबर पुलिस थाना प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार चंद्रा और साइबर टीम के वीरकेश्वर प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध की बदलती तस्वीर से रूबरू कराया।

 

छात्र-छात्राओं को बताया गया कि ठग किस तरह कभी बैंक अधिकारी, कभी पुलिस अधिकारी, कभी कस्टमर केयर कर्मचारी तो कभी नौकरी और निवेश के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।

 

OTP फ्रॉड, फर्जी लिंक, KYC अपडेट, फर्जी कस्टमर केयर, ऑनलाइन शॉपिंग, फर्जी निवेश और लोन, सोशल मीडिया ठगी, फर्जी नौकरी तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों को उदाहरणों के जरिए समझाया गया।

 

सिर्फ वर्दी का फर्ज नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी

 

साइबर सेल प्रभारी ललित कुमार चंद्रा की भूमिका को इस अभियान में केवल पुलिसिंग तक सीमित नहीं देखा जा रहा। युवाओं के बीच पहुंचकर उन्हें डिजिटल अपराध से बचने के तरीके समझाना पुलिस की उस सामाजिक जिम्मेदारी को भी सामने लाता है, जिसमें अपराध होने के बाद कार्रवाई से ज्यादा महत्वपूर्ण अपराध होने से रोकना है।

 

एक जागरूक विद्यार्थी खुद सुरक्षित रहने के साथ अपने परिवार और समाज के कई लोगों को साइबर ठगी से बचा सकता है। यही वजह है कि साइबर जागरूकता कोरबा पुलिस के अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है।

 

एक क्लिक’ की गलती से बचाने की कोशिश

 

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि OTP, ATM PIN, CVV, बैंक खाते की जानकारी और पासवर्ड किसी से साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध एप डाउनलोड करने से बचें।

 

पुलिस ने यह भी समझाया कि साइबर ठगी के मामले में समय सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो जाता है तो वह घबराने के बजाय तत्काल 1930 पर शिकायत करे और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए।

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जागरूकता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार

 

ओरिएंटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग के कार्यक्रम में कॉलेज डायरेक्टर आर.के. गर्ग, प्राचार्या रचना सहित छात्र-छात्राओं की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रबंधन और विद्यार्थियों ने पुलिस टीम का आभार जताया।

 

कोरबा पुलिस की यह पहल इस मायने में महत्वपूर्ण है कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई को केवल थानों और साइबर सेल तक सीमित रखने के बजाय समाज की भागीदारी से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।संदेश साफ है: साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी, लेकिन जागरूक नागरिक ठगों का रास्ता रोक सकते हैं।

 

कोरबा पुलिस की अपील

 

“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।”

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