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Korba Crime Breaking: 19 साल के युवक के पास DEF का बड़ा स्टॉक! 212 सीलबंद कंटेनर जब्त, ₹2.66 लाख के माल ने खड़े किए कई सवाल

कोरबा। Korba DEF Illegal Sale Case कोरबा में वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में इस्तेमाल होने वाले डीजल एग्जॉस्ट फ्लुइड (DEF) की कथित अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महज 19 साल के युवक के कब्जे से DEF के 212 सीलबंद कंटेनर बरामद किए हैं। जब्त माल की कीमत ₹2,66,250 बताई गई है।

 

मामला अपराध क्रमांक 356/26 से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी की पहचान चैतन्य मनहर (19), निवासी वार्ड नंबर 04, पुरानी बस्ती, कोरबा के रूप में हुई है। प्रार्थी सनी घोष (25), निवासी कोलकाता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

 

212 कंटेनरों में क्या मिला?

 

पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से कुल 212 नग सीलबंद DEF कंटेनर बरामद हुए हैं, जिनमें शामिल हैं:

 

192 नग Tata Motors Diesel Exhaust Fluid, 20 लीटर क्षमता वाले

20 नग Gulf Oil Lubricant DEF, 20 लीटर क्षमता वाले

कथित बिक्री रकम ₹1,250

– जब्त माल की कुल कीमत ₹2,66,250

 

पुलिस ने मामले में धारा 318(4), 347, 349 और 63 BNS के तहत अपराध दर्ज किया है।

 

 

 

आखिर DEF है क्या और इतना महत्वपूर्ण क्यों?

 

DEF यानी Diesel Exhaust Fluid आधुनिक डीजल वाहनों में प्रदूषण कम करने के लिए इस्तेमाल होने वाला विशेष तरल पदार्थ है। इसे कई जगह AdBlue के नाम से भी जाना जाता है। यह सामान्य डीजल नहीं है और इसे वाहन के फ्यूल टैंक में नहीं डाला जाता, बल्कि वाहन में दिए गए अलग DEF टैंक में भरा जाता है।

 

DEF में मुख्य रूप से यूरिया और शुद्ध पानी होता है। आधुनिक BS-VI डीजल वाहनों के SCR सिस्टम में इसका इस्तेमाल होता है, जहां यह इंजन से निकलने वाली हानिकारक NOx गैसों को कम करने में मदद करता है।

 

यानी मामला सिर्फ किसी सामान्य ऑटोमोबाइल उत्पाद की बिक्री का नहीं है। 212 कंटेनरों में करीब 4,240 लीटर DEF की बरामदगी ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है।

 

 

19 साल की उम्र में इतना बड़ा स्टॉक कहां से आया?

 

सबसे बड़ा सवाल यही है कि 19 वर्षीय युवक के पास इतनी बड़ी मात्रा में ब्रांडेड और सीलबंद DEF कैसे पहुंचा?

 

अगर माल बिक्री के लिए रखा गया था तो इसका स्रोत क्या था? सप्लाई किसने की? इसे कहां-कहां खपाया जाना था? और क्या इस पूरे मामले में आरोपी के अलावा कोई और व्यक्ति या नेटवर्क भी जुड़ा हुआ है?

 

 

 

इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएंगे।

 

 

 

फिलहाल पुलिस ने माल जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है। ₹1,250 की कथित बिक्री और ₹2.66 लाख के स्टॉक की बरामदगी ने मामले की गंभीरता और इसके पीछे संभावित सप्लाई चैन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

 

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