आधा घंटे तक सड़क पर खड़ी रही बस, सासनी से हनुमान चौकी तक चेकिंग का सिलसिला; यात्रियों ने लगाया पुलिस की मनमानी का आरोप, वीडियो वायरल
हाथरस। Hathras Daroga Bus Ticket Controversy बस में सफर कर रहे दारोगा जी को टिकट कटवाना इतना नागवार गुजरा कि मामला कथित तौर पर खाकी के रौब तक पहुंच गया। आरोप है कि कंडक्टर द्वारा नियमानुसार टिकट काटे जाने के बाद बस को एक नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग पुलिस चौकियों और थानों पर रुकवाकर चेकिंग कराई गई। करीब आधे घंटे तक बस के रुकने से बारिश के बीच छोटे बच्चों और तीर्थयात्रियों समेत तमाम यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। कंडक्टर का आरोप है कि टिकट काटने के बाद ही उसके खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ।
पहले फोटो, फिर थाने पर रोक और आखिर में चौकी पर चेकिंग!
आरोप के मुताबिक, हाथरस पहुंचने के बाद बस को पहले सदर कोतवाली क्षेत्र में रुकवाया गया और ट्रैफिक पुलिस से बस के फोटो खिंचवाए गए। इसके बाद सासनी थाने में बस को खड़ा कराया गया। मामला यहीं नहीं रुका, आरोप है कि बाद में हनुमान चौकी पर भी बस की चेकिंग कराई गई।
कंडक्टर का कहना है कि इस पूरी कवायद से बस में सवार यात्रियों को बेवजह परेशान होना पड़ा और कई यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने में लेट हो गए।
‘ऊपर से आदेश है’ कहकर चेकिंग?
कंडक्टर के मुताबिक, चेकिंग के दौरान पुलिस की ओर से कथित तौर पर ‘ऊपर से आदेश’ होने की बात कही गई। आरोप यह भी है कि बस का चालान काटा गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बस यात्रियों ने भी कथित तौर पर पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया है। यात्रियों का कहना है कि टिकट बनने के बाद शुरू हुए इस पूरे घटनाक्रम ने सफर को परेशानी में बदल दिया।
आगरा फाउंड्रीनगर डिपो की सुपरफास्ट बस
बताया जा रहा है कि बस आगरा फाउंड्रीनगर डिपो की सुपरफास्ट सेवा है, जो आंवल खेड़ा और शांतिकुंज आश्रम होते हुए हरिद्वार जाती है। बस में तीर्थयात्रियों समेत कई यात्री सवार थे।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और कंडक्टर के आरोपों के बाद सवाल यह है कि क्या एक यात्री के टिकट काटे जाने के बाद पुलिस की इतनी लंबी चेकिंग कार्रवाई महज संयोग थी या वाकई खाकी के रौब का असर? मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।





