कोरबा

Liquor Shop Protest : कोरबा में शराब दुकान पर घमासान….! जयसिंह अग्रवाल का आबकारी अधिकारी को खुला अल्टीमेटम…बोले- दुकान खोली तो अंजाम भुगतना होगा

जयसिंह अग्रवाल की चेतावनी से मचा सियासी बवाल


कोरबा, 03 अगस्त। Liquor Shop Protest : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बरबसपुर गांव में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विरोध प्रदर्शन अब सियासी रंग ले चुका है। ग्रामीणों के धरने के बीच पहुंचे पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आबकारी अधिकारी राकेश राठौर को फोन पर खरी-खोटी सुनाते हुए साफ शब्दों में कहा कि ‘बरबसपुर में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलेगी। अगर खोलने की कोशिश की तो अंजाम सोच लेना।’ इस दौरान उनका वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

ग्रामीणों के धरने में पहुंचे पूर्व मंत्री

दरअसल, 31 जुलाई को आबकारी विभाग की टीम बरबसपुर में संभावित शराब दुकान के लिए निरीक्षण करने पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलते ही गांव की महिलाओं और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध बढ़ता देख विभाग की टीम वापस लौट गई।

रविवार को ग्रामीणों के बुलावे पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल धरना स्थल पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इसी दौरान उन्होंने आबकारी अधिकारी को फोन लगाकर तीखी नाराजगी जाहिर की।

फोन पर क्या बोले जयसिंह अग्रवाल?

फोन पर बातचीत में जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि गांव वालों पर किसी तरह का दबाव न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ‘बरबसपुर में शराब दुकान नहीं खुलेगी। रिकॉर्डिंग करनी है तो कर लो, मैं यही बोलूंगा।’

उन्होंने अधिकारी से कहा कि गांव की महिलाएं कई दिनों से धरने पर बैठी हैं, ऐसे में विभाग को मौके पर पहुंचकर लिखित घोषणा करनी चाहिए कि यहां शराब दुकान नहीं खोली जाएगी।

मंत्री पर भी साधा निशाना

धरना स्थल पर जयसिंह अग्रवाल ने राज्य के आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब और ओवररेट बिक्री पर विभाग कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।

आबकारी मंत्री ने क्या कहा?

वहीं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने पूरे विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि बरबसपुर में शराब दुकान खोलने का अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। विभाग की टीम केवल संभावित स्थान का निरीक्षण करने गई थी।

ननकीराम कंवर ने भी किया समर्थन

विरोध प्रदर्शन में पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि गांव में शराब दुकान खुलने से सामाजिक माहौल खराब होगा और ग्रामीणों की मांग पूरी होनी चाहिए।

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