BALCO Retired Employees : वर्षों बाद लौटे अपने कर्मस्थल…! बालको के रिटायर्ड कर्मचारियों ने देखा बदला हुआ प्लांट…भावुक कर देने वाला रहा सफर
सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने किया बालको संयंत्र का भ्रमण
बालकोनगर, 13 जुलाई। BALCO Retired Employees : वर्षों पहले जिस संयंत्र की मशीनों की आवाज़ उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा थी, उसी बालको प्लांट में दोबारा लौटना सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भावनाओं से भरा अनुभव बन गया। वेदांता एल्यूमिनियम की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने पूर्व कर्मचारियों के लिए विशेष संयंत्र भ्रमण का आयोजन किया, जहां उन्होंने आधुनिक तकनीक से लैस प्लांट को देखकर पुराने दिनों को याद किया।
आधुनिक बालको देखकर गर्व से भर उठे पूर्व कर्मचारी
भ्रमण के दौरान पूर्व कर्मचारियों ने स्मेल्टर, कास्ट हाउस, पावर प्लांट और अन्य प्रमुख इकाइयों का दौरा किया। कभी जहां वे स्वयं कार्य करते थे, आज वहां अत्याधुनिक तकनीक, डिजिटलीकरण, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता देखकर उन्होंने बालको की विकास यात्रा की सराहना की।
CEO ने कहा- पूर्व कर्मचारियों का योगदान हमारी सबसे बड़ी विरासत
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कंपनी की सफलता की मजबूत नींव उसके कर्मचारियों ने रखी है। सेवानिवृत्त साथियों का दोबारा स्वागत करना कंपनी के लिए गर्व का विषय है और उनका योगदान हमेशा बालको की पहचान का अभिन्न हिस्सा रहेगा।
रिटायर्ड कर्मचारियों ने साझा किए अनुभव
पूर्व कर्मचारी रघुवर प्रसाद पटेल ने कहा कि जिस स्मेल्टर में कभी एक लाख टन उत्पादन होता था, वह अब 10 लाख टन उत्पादन की दिशा में बढ़ रहा है। वहीं बसंत तिवारी ने आधुनिक सुरक्षा मानकों और सुव्यवस्थित प्लांट की सराहना करते हुए इस तरह के आयोजन लगातार जारी रखने की अपील की।
सनत कुमार सोंधिया ने कहा कि जिस प्लांट को उन्होंने एक पौधे की तरह बढ़ते देखा था, वह आज विशाल बरगद बन चुका है। उन्होंने विशेष रूप से AI आधारित सुरक्षा प्रणाली और सुरक्षित कार्यस्थल को प्राथमिकता दिए जाने की प्रशंसा की।
यादों और विकास का अनोखा संगम
यह आयोजन केवल एक औपचारिक भ्रमण नहीं, बल्कि उन कर्मचारियों के सम्मान का अवसर बना, जिन्होंने अपने जीवन के कई वर्ष बालको को समर्पित किए। कंपनी का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम अनुभव, प्रेरणा और संगठनात्मक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं।






