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Korba: VDO रेत तस्करी में कोरिया बनने की राह पर कोरबा, करोड़ों के अवैध भंडारण पर प्रशासन का नहीं चल रहा डंडा

कोरबा।Korba Sand Smuggling छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन और तस्करी को लेकर बढ़ती हिंसा ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में कोरिया जिले में रेत खनन विवाद के दौरान भाजपा नेता समेत तीन लोगों की हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। इस घटना के बाद अब कोरबा जिले की स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, जहां विभिन्न क्षेत्रों में करोड़ों रुपये मूल्य की रेत का अवैध भंडारण खुलेआम होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है।

जानकारों का कहना है कि जिले के कई घाटों और भंडारण स्थलों पर बड़ी मात्रा में रेत जमा की गई है। खनिज विभाग समय-समय पर कार्रवाई का दावा जरूर करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। यही कारण है कि रेत तस्करी का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है।

प्रदेश में बीते दो वर्षों के दौरान रेत खनन से जुड़े विवादों में हत्या, मारपीट, अधिकारियों पर हमले और वाहनों से कुचलने की कोशिश जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई बार अवैध खनन रोकने पहुंचे राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी विरोध और हमलों का सामना करना पड़ा है।

कोरिया जिले की हालिया घटना ने यह संकेत दिया है कि अवैध खनन का कारोबार केवल राजस्व नुकसान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में कोरबा में करोड़ों रुपये के अवैध रेत भंडारण और सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो कोरबा में भी हालात कोरिया जैसी गंभीर स्थिति की ओर बढ़ सकते हैं। अब निगाहें प्रशासन और खनिज विभाग पर हैं कि वे अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कितनी कठोर और निर्णायक कार्रवाई करते हैं।

 

गितारी और जोगीपाली बने हॉटस्पॉट

कोरबा जिले में अवैध रेत भंडारण और परिवहन के मामले में गितारी और जोगीपाली क्षेत्र प्रमुख हॉटस्पॉट के रूप में उभरकर सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रेत के अवैध भंडारण और परिवहन की शिकायतें मिलती रही हैं। हाल ही में जोगीपाली क्षेत्र में खनिज विभाग की कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में रेत जब्त किए जाने के बाद भी कई सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद अवैध कारोबार की जड़ें कमजोर नहीं हुई है।

 

देखें VIDEO में रेत का पहाड़

 

 

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