Electricity Rate Hike : छत्तीसगढ़ में बिजली का झटका…! 1 जुलाई से बढ़ेगा बिजली बिल…घरेलू दरों में 30 से 50 पैसे और गैर-घरेलू श्रेणी में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी

News Power Zone
5 Min Read
Electricity Rate Hike
रायपुर, 15 जून। Electricity Rate Hike : छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। नई दरों के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को अब प्रति यूनिट बिजली के लिए पहले से अधिक भुगतान करना होगा। वहीं गैर-घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। आयोग के फैसले के अनुसार घरेलू बिजली दरों में 30 पैसे से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। वहीं गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। नई दरों के लागू होने के बाद प्रदेश के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और अन्य उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल में वृद्धि देखने को मिलेगी। हालांकि आयोग का कहना है कि बिजली उत्पादन, खरीद और वितरण लागत में बढ़ोतरी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। बिजली दरों में वृद्धि के फैसले के बाद आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है। वहीं उद्योग और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की परिचालन लागत में भी इजाफा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली टैरिफ में यह संशोधन वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। नई दरें आगामी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी।

निम्नदाब (LV) उपभोक्ताओं के लिए

  1. अस्थायी कनेक्शन महंगे – LV-1 और LV-2 श्रेणी के अस्थायी कनेक्शन पर टैरिफ 1.25 गुना से बढ़ाकर 1.50 गुना किया गया।
  2. TOD टैरिफ लागू – LV-2.2(B), LV-2.3, LV-5, LV-6 और LV-7 श्रेणी में 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं पर TOD टैरिफ लागू।
  3. ऑफ-पीक समय में 5% छूट – सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 5% छूट।
  4. पीक ऑवर में 5% अतिरिक्त शुल्क – शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक बिजली खपत पर 5% अधिभार।
  5. घरेलू उपभोक्ताओं को सौर समय में राहत – LV-1, LV-2.1 और LV-2.2(A) श्रेणी के 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट।
  6. पावर फैक्टर इंसेंटिव का नया प्रावधान लागू।
  7. पावर फैक्टर अधिभार का भी प्रावधान किया गया।
  8. स्वीकृत लोड स्वतः परिवर्तन सुविधा अब LV-4.1(A) और LV-4.1(B) श्रेणियों में भी लागू।
  9. EV चार्जिंग स्टेशन को प्रोत्साहन – टैरिफ औसत विद्युत लागत के बराबर ₹7.13 प्रति यूनिट निर्धारित।
  10. महिला स्व-सहायता समूहों को राहत – उद्योग और व्यवसायिक गतिविधियों के लिए ऊर्जा प्रभार में 10% छूट जारी।
  11. ग्रामीण अस्पतालों को राहत जारी – ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण क्षेत्रों के अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर को 10% छूट जारी।
  12. पोहा और मुरमुरा मिलों को राहत – ऊर्जा प्रभार में 10% छूट जारी रहेगी।

उच्चदाब (HV) उपभोक्ताओं के लिए

  1. EV चार्जिंग टैरिफ – उच्चदाब श्रेणी में ₹6.42 प्रति kVAh निर्धारित।
  2. स्टोन माइंस को HV-3 श्रेणी में शामिल किया गया।
  3. HV-4 में नया नियम – 33KV और 11KV पर 15% या उससे कम लोड फैक्टर वाली दरें केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेंगी जो वितरण कंपनी से 100% बिजली लेते हैं।
  4. Iron Washery/Beneficiation Plant को HV-4 श्रेणी में शामिल किया गया।
  5. मिनी और माइक्रो हाइड्रो प्रोजेक्ट को राहत – COD से पहले 5 वर्षों तक डिमांड चार्ज से छूट जारी।
  6. सौर ऊर्जा संयंत्रों के ऑक्सिलियरी पावर पर भी HV-11 टैरिफ लागू।
  7. 31 अक्टूबर 2026 तक COD प्राप्त करने वाले सोलर उत्पादकों को 7 साल तक केवल 33% ट्रांसमिशन शुल्क देना होगा।
  8. इसके बाद 100% ट्रांसमिशन शुल्क देना होगा।
  9. 31 अक्टूबर 2026 के बाद COD पाने वाले सभी सोलर उत्पादकों को शुरू से 100% ट्रांसमिशन शुल्क देना होगा।
  10. पैरेलल ऑपरेशन चार्ज 16 पैसे प्रति यूनिट तय।
  11. ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं से बिजली लेने वालों को Cross Subsidy Surcharge से छूट।
  12. कोलोकेटेड कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट वाले उपभोक्ताओं के लिए ₹15.90 प्रति kWh टैरिफ निर्धारित।

    Share This Article