
कोरबा। Urga Police Korba कोयलांचल नगरी कोरबा में अवैध कबाड़ के काले कारोबार पर उरगा पुलिस ने एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी करते हुए भारी मात्रा में अवैध स्क्रैप जब्त किया है। ज़ब्त किए गए कबाड़ का वजन लगभग 10 टन (10,000 किलोग्राम) बताया जा रहा है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये है।
इस कार्रवाई के बाद से कबाड़ माफियाओं में हड़कंप मच गया है, लेकिन स्थानीय जनता के बीच अब एक ही सवाल गूंज रहा है “इस कबाड़ गैंग पर मुकेश साहू पर हुई कार्रवाई की तर्ज पर बुलडोजर की कार्रवाई कब होगी?”
मुखबिर के जाल में फंसा कबाड़ का ‘सिंडिकेट‘
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उरगा थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध स्क्रैप की डंपिंग और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। उरगा पुलिस को सटीक सूचना मिली कि भारी मात्रा में चोरी और अवैध तरीके से ट्रक स्क्रैप को बाहर भेजा जा रहा है।
सूचना मिलते ही उरगा पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी और मौके से 10 टन स्क्रैप बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में कबाड़ से लड़े वाहनों और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
बड़ा सवाल: सिर्फ जब्ती या जड़ से खात्मा?
कोरबा में कबाड़ का अवैध धंधा कोई नया नहीं है। एसईसीएल (SECL) की बंद पड़ी खदानों, संयंत्रों और सरकारी संपत्तियों से लोहा चोरी कर उसे ऊंचे दामों पर बाहरी राज्यों में बेचा जाता है। पुलिस कार्रवाई तो करती है, लेकिन कुछ दिन बाद ये माफिया जमानत पर छूटकर फिर से सक्रिय हो जाते हैं।
राजेश साहू का बताया जा रहा कबाड़
कोरबा में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए टीम ने करीब 10 टन कबाड़ जब्त किया है। उरगा थानेदार नवीन पटेल ने कहा कि जब्त किया गया कबाड़ राजेश साहू का है। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई और कबाड़ कारोबार से जुड़े लोगों में बेचैनी देखी गई।



