
Cockroach Janata Party: नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) एक बार फिर विवादों और तकनीकी हमलों के कारण चर्चा में है। पहले पार्टी का ट्विटर अकाउंट भारत में ब्लॉक किया गया, फिर आधिकारिक वेबसाइट बंद हो गई और अब इंस्टाग्राम अकाउंट हैक होने का दावा किया गया है।
Cockroach Janata Party: सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इन घटनाओं को “युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश” बताया है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, पेपर लीक और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर सवाल उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। फिलहाल इन घटनाओं को लेकर आधिकारिक एजेंसियों या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ओर से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
Cockroach Janata Party: कैसे शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद 15 मई को शुरू हुआ, जब देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हुई। बेरोजगार युवाओं को लेकर दिए गए बयान को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी का गलत अर्थ निकाला गया और यह टिप्पणी फर्जी डिग्री लेकर वकालत में आने वालों के संदर्भ में थी।
Cockroach Janata Party: इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इस बयान के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इसी के अगले दिन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया पेज शुरू किया गया, जिसने बेरोजगारी, पेपर लीक और सिस्टम की खामियों पर व्यंग्यात्मक पोस्ट शेयर करना शुरू किया।
Cockroach Janata Party: इंस्टाग्राम अकाउंट हैक होने का आरोप
अभिजीत दीपके ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि हैकिंग के बाद आने वाले किसी भी पोस्ट को आधिकारिक बयान न माना जाए।
दीपके ने यह भी कहा कि उन्होंने शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की थी, क्योंकि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
Cockroach Janata Party: ट्विटर के बाद नया अकाउंट
21 मई को सीजेपी का ट्विटर हैंडल भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद समर्थकों ने नया अकाउंट “Cockroach is Back” शुरू किया। इस नए हैंडल की टैगलाइन थी — “कॉकरोच नहीं मरते।”
Cockroach Janata Party: इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स 2 करोड़ के पार
सीजेपी ने बहुत कम समय में सोशल मीडिया पर बड़ी लोकप्रियता हासिल की। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या 2 करोड़ के पार पहुंचने का दावा किया गया। युवाओं, कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कई राजनीतिक समर्थकों ने भी इस पेज को समर्थन दिया।



