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New CM Takes Oath : थलपति विजय बने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री…! शपथ ग्रहण में राहुल गांधी रहे मौजूद

कांग्रेस और TVS के बीच करीबी संबंधों को लेकर अटकलें तेज़

चेन्नई, 10 मई। New CM Takes Oath : तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख और अभिनेता थलपति विजय ने रविवार को चेन्नई के जवाहर लाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

अपने दम पर की पूर्ण बहुमत हासिल

विजय की पार्टी टीवीके 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, हालांकि पार्टी अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकी। चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने का ऐलान किया। इसके अलावा विदुथलाई चिरुथईगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) समेत कई दलों ने भी विजय के नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन दिया। सहयोगी दलों के समर्थन से टीवीके गठबंधन ने विधानसभा में 120 विधायकों का समर्थन जुटा लिया, जो बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से अधिक है। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राहुल गांधी और विजय की मंच साझा करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि दक्षिण भारत की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत भी है। बताया जा रहा है कि विजय ने व्यक्तिगत रूप से राहुल गांधी को समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।

कांग्रेस और TVS के बीच करीबी संबंधों को लेकर अटकलें तेज

कांग्रेस और टीवीके की बढ़ती नजदीकियों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अन्य सहयोगी दलों को विजय के समर्थन के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। लंबे समय से डीएमके के साथ रही कांग्रेस का विजय के साथ खुलकर खड़ा होना तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, राहुल गांधी और विजय का एक मंच पर आना भविष्य की राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विजय की युवा लोकप्रियता और राहुल गांधी की राष्ट्रीय पहचान को विपक्ष की संभावित नई रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता के संकेत के तौर पर भी जोड़ा जा रहा है।

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