
कोरबा। Korba Ash Transport Scam छत्तीसगढ़ के पॉवर हब कोरबा से एक बार फिर गंभीर गड़बड़ी की तस्वीर सामने आई है। इस बार मामला राख परिवहन से जुड़ा है, जहां ट्रकों में आधा राख भरकर पूरा भुगतान लेने का खेल खुलेआम चल रहा है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से सरकारी धन की बंदरबांट का मामला नजर आ रहा है।

Korba Ash Transport Scam स्थानीय सूत्रों और मौके पर कैद तस्वीरों के अनुसार, राखड़ डैम से निकलने वाले ट्रकों में क्षमता से काफी कम राख लोड की जा रही है, लेकिन बिल पूरा बनाया जा रहा है। यानी कागजों में ट्रक फुल लोडेड, जबकि हकीकत में आधा खाली। इस ‘आधा माल, पूरा भुगतान’ के खेल में ट्रांसपोर्टर और जिम्मेदार अधिकारी की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
डंगनिया राखड़ डैम की तस्वीरें खोल रही पोल
हमारी टीम द्वारा डंगनिया राखड़ डैम से कैद की गई तस्वीरें इस पूरे खेल की गवाही दे रही हैं। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि ट्रकों में राख की मात्रा बेहद कम है, फिर भी उन्हें पूरी तरह भरा हुआ दिखाकर भुगतान लिया जा रहा है। सवाल यह उठता है कि जब लोडिंग साइट पर अधिकारी मौजूद रहते हैं, तो फिर यह गड़बड़ी उनकी नजर से कैसे बच रही है?
राख बना ‘ब्लैक गोल्ड’, कोयले से ज्यादा मुनाफा
कोरबा के पावर प्लांटों से निकलने वाली राख अब ट्रांसपोर्टरों के लिए सोने की खदान बन चुकी है। बिना पूरी मात्रा ढोए ही भुगतान मिलना, इस कारोबार को बेहद फायदे का सौदा बना रहा है। यही वजह है कि कई कारोबारी अब कोयले के बजाय राख परिवहन में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।
मॉनिटरिंग सिस्टम पर उठे सवाल
CSEB प्रबंधन द्वारा राख परिवहन की निगरानी के लिए तय किए गए नियम और व्यवस्था इस पूरे मामले में फेल होते नजर आ रहे हैं। GPS ट्रैकिंग, वेट मापन और साइट सुपरविजन जैसे सिस्टम कागजों में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर दिखाई नहीं दे रहा। इससे साफ संकेत मिलता है कि या तो मॉनिटरिंग में भारी लापरवाही है या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं।
सरकारी राजस्व को सीधा नुकसान
इस तरह की गड़बड़ियों से सरकार को लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। यदि हर ट्रक में आधा ही राख भरा जा रहा है और पूरा भुगतान हो रहा है, तो यह सीधे तौर पर सार्वजनिक धन की लूट है।
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
मामला सामने आने के बाद अब जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग उठने लगी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि CSEB प्रबंधन इस गंभीर मामले को लेकर क्या कदम उठाता है या फिर यह ‘आधा राख, पूरा बिल’ का खेल यूं ही चलता रहेगा।



