कोरबा, 10 अप्रैल। Shivaay Hospital : अस्पताल सिर्फ इलाज की जगह नहीं होता, कई बार यही जगह किसी परिवार के लिए उम्मीद, भरोसे और नई जिंदगी की शुरुआत बन जाती है। कोरबा से आई एक ऐसी ही कहानी हर किसी का दिल छू रही है।
नया बस स्टैंड क्षेत्र में संचालित शिवाय हॉस्पिटल एक बार फिर अपनी सेवा भावना के लिए चर्चा में है। बलगी निवासी श्रीमती नीलम पड़वार को प्रसव के लिए यहां भर्ती कराया गया था। परिवार के लिए यह समय चिंता और उम्मीद दोनों से भरा हुआ था।
23 मार्च को स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पूर्णिमा सुरभि के कुशल मार्गदर्शन में नीलम पड़वार ने नॉर्मल डिलीवरी से एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। इस पल ने पूरे परिवार की चिंताओं को खुशी में बदल दिया। लेकिन इस कहानी को खास बनाता है परिवार का वह फैसला, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।
अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की सेवा, देखभाल और अपनापन देखकर पड़वार परिवार इतना प्रभावित हुआ कि उन्होंने अपने नवजात बेटे का नाम ही “शिवाय” रख दिया ठीक उसी अस्पताल के नाम पर, जिसने उन्हें यह खुशियां दीं। परिवार का कहना है कि यहां सिर्फ इलाज नहीं हुआ, बल्कि हर पल हिम्मत, भरोसा और अपनापन मिला।
मुश्किल समय में जिस तरह डॉक्टरों और स्टाफ ने साथ निभाया, वह उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। यह नाम अब सिर्फ एक पहचान नहीं, बल्कि उस भरोसे और कृतज्ञता की कहानी है, जिसे यह परिवार जिंदगी भर संजोकर रखेगा। ऐसी कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि चिकित्सा केवल इलाज नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और इंसानियत का सबसे खूबसूरत रूप है।