नई दिल्ली

Supreme Court : JAL अधिग्रहण केस…! वेदांता को झटका…सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इनकार…अब NCLAT में 10 अप्रैल को फैसला तय

10 अप्रैल को होगा बड़ा फैसला

नई दिल्ली, 06 अप्रैल। Supreme Court : देश के बड़े कॉर्पोरेट अधिग्रहण मामलों में शामिल जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) केस में भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने बड़ा रुख अपनाते हुए फिलहाल दखल देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (NCLAT) के आदेश पर रोक लगाने से साफ मना कर दिया, जिससे वेदांता लिमिटेड को झटका लगा है।

NCLAT ही करेगा अंतिम फैसला

मुख्य न्यायाधीशन्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि जब NCLAT 10 अप्रैल से अंतिम सुनवाई करने जा रहा है, तब सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप उचित नहीं होगा। दोनों पक्षों को अपने तर्क वहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अडाणी vs वेदांता: बोली की जंग तेज

मामले में अदानी एंटरप्राइजेज और Vedanta Limited आमने-सामने हैं। वेदांता की बोली: ₹17,926 करोड़ (लगभग)। अडाणी की बोली: ₹14,535 करोड़ (लगभग)।

वेदांता की ओर से पैरवी कर रहे Kapil Sibal ने दलील दी कि उनकी ज्यादा बोली के बावजूद कम कीमत वाले प्रस्ताव को प्राथमिकता देना लेनदारों के हितों के खिलाफ है।

सुप्रीम कोर्ट का ‘सुरक्षा कवच’

हालांकि कोर्ट ने स्टे नहीं दिया, लेकिन यह निर्देश जरूर दिया कि JAL की मॉनिटरिंग कमेटी बिना NCLAT की अनुमति कोई बड़ा नीतिगत फैसला नहीं लेगी। इससे कंपनी की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव होने से रोका जा सकेगा।

दिग्गज वकील आमने-सामने

इस हाई-प्रोफाइल केस में अडाणी ग्रुप की ओर से मुकुल रोहतगी पैरवी कर रहे हैं, जबकि ऋणदाताओं की समिति की तरफ से तुषार मेहता अपनी दलीलें रख रहे हैं।

अब नजर 10 अप्रैल पर

अब सभी की नजर 10 अप्रैल पर टिकी है, जब NCLAT यह तय करेगा कि JAL का अधिग्रहण अडाणी ग्रुप करेगा या वेदांता की ऊंची बोली बाजी पलट देगी।

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