
Israel-Iran war: नई दिल्ली। CCS Meeting: इज़रायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के पूरे मिडिल ईस्ट में फैलने का खतरा बढ़ गया है। इस मुद्दे पर रविवार देर शाम प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में कैबिनेट सिक्योरिटी कमेटी की मीटिंग बुलाई। ये बैठक कुछ ही समय में शुरु होगी। सूत्रों से पता चला है कि वह दो दिन के दौरे के बाद आज रात दिल्ली पहुंचेंगे और मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे।
Israel-Iran war: इस मीटिंग का मुख्य फोकस इज़रायल, ईरान और अमेरिका के बीच चल रही लड़ाई में लेटेस्ट डेवलपमेंट और UAE समेत मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा होगी। यह मीटिंग इसलिए भी अहम है क्योंकि ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय स्टूडेंट और आम नागरिक मौजूद हैं।
Israel-Iran war: इसके अलावा ईरान के जवाबी हमलों का असर मिडिल ईस्ट के कई देशों पर पड़ रहा है। पूरे इलाके का एयरस्पेस बंद है, जिससे हजारों भारतीय इन देशों में फंसे हुए हैं। भारत ईरान और मिडिल ईस्ट के दूसरे देशों में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
Israel-Iran war: सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट सिक्योरिटी कमेटी की इस बैठक में इजरायल-ईरान युद्ध पर भारत का क्या स्टैंड होगा, इस पर भी बात होगी। इसके अलावा इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर विपक्ष को कैसे जवाब देना है, यह भी तय किया जाएगा।
Israel-Iran war: जयशंकर ने की विदेश मंत्रियों से बात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और इज़रायल के विदेश मंत्री गिदोन से भी बात की। अराघची से बातचीत के बाद, जयशंकर ने कहा कि वह ईरान और इलाके में हाल के घटनाक्रमों को लेकर भारत की ‘गहरी चिंता’ को समझते हैं। बातचीत में उन्होंने ‘तनाव कम करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी’ की भारत की अपील दोहराई।
Israel-Iran war: भारत ने अपने नागरिकों के लिए एक नई एडवाइजरी भी जारी की है। भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय फंसे हुए हैं, जबकि मिडिल ईस्ट में लगभग 9.6 मिलियन लोग रहते हैं।



