
कोरबा। Social Policing ऊर्जा नगरी कोरबा में सोशल पुलिसिंग की एक सराहनीय मिसाल सामने आई है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर सर्वमंगला पुलिस सहायता केंद्र के प्रभारी ने परंपरा से हटकर ऐसा कदम उठाया, जिसकी हर ओर प्रशंसा हो रही है। चौकी प्रभारी ने ध्वजारोहण किसी वीआईपी से नहीं, बल्कि 75 वर्षीय गणमान्य नागरिक से कराकर यह संदेश दिया कि खाकी के भीतर आज भी संवेदनशीलता और इंसानियत जीवित है।

Social Policing आमतौर पर राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण का दायित्व विशेष अतिथियों या वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा जाता है, लेकिन सर्वमंगला पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी सहायक उप निरीक्षक विभव तिवारी ने इस परंपरा को तोड़ते हुए समाज के उस वर्ग को सम्मान दिया, जो अक्सर उपेक्षित रह जाता है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को ससम्मान चौकी परिसर में आमंत्रित किया और 75 वर्षीय भूपनारायण से ध्वजारोहण कराया। इस सम्मान से अभिभूत भूपनारायण की आंखें भर आईं। उन्होंने चौकी प्रभारी विभव तिवारी को आशीर्वाद देते हुए इस पल को अपने जीवन का यादगार क्षण बताया।
ध्वजारोहण के बाद चौकी प्रभारी ने सभी वृद्धजनों का सम्मान किया, उनका हालचाल जाना और स्वल्पाहार की व्यवस्था भी कराई। इस पहल ने पुलिस और समाज के बीच भरोसे की डोर को और मजबूत किया है।
सर्वमंगला चौकी की यह पहल सोशल पुलिसिंग का ऐसा उदाहरण बनी है, जो यह बताती है कि कानून व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाएं भी पुलिसिंग का अहम हिस्सा हैं।



