बालकोनगर, 31 मार्च। Unnati Utsav 2026 : वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी ‘उन्नति परियोजना’ के तहत वार्षिक ‘उन्नति उत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया। इस आयोजन में स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं सहित 800 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार, बालको लेडिज क्लब की अध्यक्ष मनीषा कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अतिथियों ने वेदांता स्किल स्कूल, ‘मोर जल मोर माटी’, आरोग्य, उन्नति, तीरंदाजी और नंद घर जैसे विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया, जहां कंपनी की सामुदायिक विकास पहलों की जानकारी दी गई।
उत्सव में पारंपरिक कला और कौशल भी आकर्षण का केंद्र रहे। चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाना और कोसा सिल्क से साड़ी बुनाई जैसे स्टॉल ने लोगों का ध्यान खींचा। कार्यक्रम के दौरान 15 महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर समाज में प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किए।
इस मौके पर ‘कोसाकारी’ ब्रांड की फिल्म और वेबसाइट का अनावरण किया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय कोसा सिल्क को वैश्विक पहचान दिलाना है। साथ ही उन्नति महासंघ की पहली पत्रिका ‘सृष्टि’ का भी विमोचन किया गया, जिसमें महिलाओं की सफलता की कहानियों को संजोया गया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ का पारंपरिक कर्मा नृत्य और अन्य प्रस्तुतियों ने समावेशिता और सांस्कृतिक विविधता की झलक पेश की। कार्यक्रम का समापन वेदांता स्किल स्कूल की छात्राओं के ऊर्जावान फ्लैश मॉब के साथ हुआ, जिसने महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि ‘उन्नति उत्सव’ महिलाओं की शक्ति, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ‘उन्नति परियोजना’ का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए मंच देना है।
उन्नति महासंघ की सीईओ अनुराधा सिंह ने बताया कि यह परियोजना महिलाओं को उद्यमिता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का माध्यम है। वहीं मनीषा कुमार ने इसे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहल बताया। ‘उन्नति परियोजना’ के तहत 561 से अधिक स्व-सहायता समूहों से जुड़ी 6,000 से अधिक महिलाएं विभिन्न प्रशिक्षणों का लाभ ले रही हैं। यह पहल महिलाओं को सशक्त बनाकर समावेशी और प्रगतिशील समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही है।