
कोरबा/बिलासपुर। SECL Coal Smuggling Case एसईसीएल की गेवरा खदान से निकलने वाले उच्च गुणवत्ता वाले जी-11 ग्रेड कोयले की हेराफेरी करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ मस्तुरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। हालांकि इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड और तस्करी के सरगनाओं की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस के मुताबिक, राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड की शिकायत पर दर्ज मामले की जांच में खुलासा हुआ कि एसईसीएल की गेवरा माइंस से भेजे गए करीब 30 हजार टन जी-11 ग्रेड कोयले की खेप में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई थी। आरोपियों ने रास्ते में बेलतरा स्थित एक कोल डिपो में ट्रेलरों से उच्च गुणवत्ता वाला कोयला उतरवाकर उसकी जगह गिट्टी और घटिया गुणवत्ता का कोयला भर दिया, जिसे प्लांट तक पहुंचा दिया गया। इस हेराफेरी से कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों, ट्रेलर चालकों और अन्य लोगों से पूछताछ में सामने आया कि ट्रेलर मालिक, चालक और सहयोगी सुनियोजित तरीके से इस पूरे रैकेट को संचालित कर रहे थे। बेलतरा स्थित कोल डिपो में रोलर मशीन के जरिए कोयले में मिलावट की जाती थी और अवैध कमाई को गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था।
पुलिस इससे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन और करीब 30 टन कोयला जब्त कर चुकी है। अब फरार चल रहे वैभव सोनी उर्फ चुकलू और निखिल साहू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन और 1,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पूछताछ में दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर कोयला हेराफेरी में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
मस्तुरी पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड, वित्तीय लाभ लेने वाले लोगों और तस्करी के सरगनाओं की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे तथा गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।






