Featuredछत्तीसगढ़सामाजिक

मखाना सबसे आगे, सूखे मेवों में तूफान

1100 से 1500 रुपए किलो की उच्चतम कीमत के साथ, मखाना शिखर पर पहुंच गया है। अखरोट गिरी 800 से 1300 रुपए किलो। पसीने छुड़ा रही है मेवों में आई यह गर्मी।

आगत विजयादशमी और दीपावली के लिए होटल और मिठाई दुकानों ने मेवों की खरीदी चालू कर दी है लेकिन होलसेल काउंटर से जो कीमत बोली जा रही है, उसके बाद पहली कोशिश यही की जा रही है कि ऐसे मेवे की ही खरीदी की जाए, जिसकी मांग अंत तक बनी रहती है।

इसलिए शिखर पर मखाना

देश के मेवा बाजार में मखाना की शत-प्रतिशत आपूर्ति तय करता है बिहार लेकिन इस बार फसल लगभग 80 फ़ीसदी नष्ट हो चुकी है। मांग के दिन हैं। इसलिए चौतरफा दबाव के बीच यह 1100 से 1500 रुपए किलो की कीमत के साथ मेवों में सबसे आगे है। तेजी की धारणा लगातार इसलिए भी बनी हुई है क्योंकि विजयादशमी और दीपावली के बाद वैवाहिक आयोजनों की तारीखें भी आने वालीं हैं।

बेतरह दबाव अखरोट पर

पैक्ड मेवों में वैसे तो सभी की समान हिस्सेदारी रहती आई है लेकिन बीते दो बरस से अखरोट में मांग अपेक्षाकृत ज्यादा बनी हुई है। इसलिए अखरोट गिरी 800 से 1300 रुपए किलो पर पहुंच कर तेजी का संकेत दे रहा है जबकि अखरोट खड़ा 500 से 800 रुपए किलो पर शांत है। इसमें गिरी की तुलना में मांग कमजोर है। इसलिए तेजी की धारणा से मेवा बाजार इनकार कर रहा है।

बिक्री में सबसे आगे

काजू की तीनों किस्में मांग में बनी हुईं हैं। काजू खड़ा 850 से 950 रुपए पर स्थिर है लेकिन काजू दो टुकड़ा 820 से 880 रुपए किलो और काजू चार टुकड़ा 780 से 830 रुपए किलो पर आगे जाकर मजबूती का संकेत दे रहा है। कमजोर है मांग बादाम में लेकिन 650 से 840 रुपए जैसी कीमत के साथ मजबूत है। 200 से 340 रुपए किलो पर शांत किशमिश और 280 से 400 रुपए किलो की कीमत के साथ छुहारा हल्की राहत दे रहा है।

Related Articles

Back to top button