कोरबा, 05 सितंबर। Teacher’s Day : शिक्षक दिवस के मौके पर कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्रशासनिक भूमिका से अलग एक शिक्षक की भूमिका निभाई। वे प्रधानमंत्री एकलव्य आवासीय विद्यालय, छुरी पहुंचे और कक्षा में विद्यार्थियों के बीच बैठकर उनसे वन-टू-वन संवाद किया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को अनुशासन, कड़ी मेहनत, दृढ़ निश्चय, समर्पण और लक्ष्य पर एकाग्रता को सफलता की नींव बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन दोबारा लौटकर नहीं आता, इसलिए यही समय है जब पूरी लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए।
कक्षा में पहुंचकर जाना विद्यार्थियों का हाल
कलेक्टर ने कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर पढ़ाई के साथ भोजन, आवासीय व्यवस्था, पानी और विद्यालय में उपलब्ध अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। कक्षा 12वीं के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को उन्होंने फिजिक्स के सवाल हल करने के लिए दिए। निर्धारित समय में सवाल हल नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित शिक्षक को शिक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई में किसी विषय को लेकर परेशानी हो तो शिक्षक से अपनी शंका जरूर पूछें और मार्गदर्शन का लाभ लें।

पानी की समस्या पर जल्द समाधान का भरोसा
विद्यार्थियों ने विद्यालय में पानी सहित अन्य समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र में जलस्तर नीचे जाने के कारण बोर असफल हुए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि स्थायी समाधान के लिए नई पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है और जल्द ही पानी की समस्या दूर होने की उम्मीद है। उन्होंने प्राचार्य और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को विद्यालय की अन्य समस्याओं का भी प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
8 शिक्षकों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर नाराज
शिक्षक दिवस पर किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान विद्यालय में 8 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री श्रीकांत कसेर को संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। अनुपस्थित शिक्षकों में दीपेंद्र, तरुण कुमार, तरुण कुमार पैकरा, संदीप राज, संदीप यादव, पवन कुमार, ऊषा और अशोक शामिल हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

NEET-JEE से लेकर उच्च शिक्षा तक प्रशासन देगा मदद
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि NEET और JEE की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा देश के सरकारी कॉलेजों या महत्वपूर्ण संस्थानों में चयन होने पर उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस के लिए जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। अच्छे अंकों से सफल होने वाले विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों के भ्रमण का अवसर भी दिया जाएगा। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से मोबाइल से दूरी बनाकर पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करने और किसी समस्या की स्थिति में शिक्षकों व विद्यालय प्रबंधन के माध्यम से प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने की अपील की।













