
Korba Breaking कोरबा। धान खरीदी 2025-26 में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। किसानों की गिरदावरी और रकबा ऑनलाइन मैपिंग (online mapping)में गंभीर गड़बड़ी के चलते प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। हरदीबाजार तहसील के पटवारी हल्का क्रमांक 03 की पटवारी श्रीमती कामिनी कारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि तहसीलदार हरदीबाजार श्री अभिजीत राजभानु को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मामला ग्राम नोनबिर्रा, उड़ता और पूटा से जुड़ा है, जहां कई किसानों का न तो सही तरीके से क्षेत्र निरीक्षण किया गया और न ही सत्यापन। नतीजा यह हुआ कि दर्जनों किसान धान उपार्जन केंद्रों में अपना धान बेचने से वंचित रह गए। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पाली की जांच रिपोर्ट में पटवारी की कार्यप्रणाली को शासन के निर्देशों की खुली अवहेलना और गंभीर उदासीनता बताया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि ऑनलाइन मैपिंग बिना मौके के निरीक्षण के की गई, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए पटवारी को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पाली रहेगा।
इतना ही नहीं, पूरे प्रकरण में पर्यवेक्षण की कमी पर तहसीलदार हरदीबाजार से भी जवाब मांगा गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मामले को गंभीर मानते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है, वहीं किसान अब उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा।



