BALCO Breaking : BALCO के G-9 प्रोजेक्ट में अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेजों का आरोप…जयसिंह अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र…उच्चस्तरीय जांच की मांग
अनुमति निरस्त होने के बाद भी जारी रहा निर्माण
कोरबा, 20 नवंबर। BALCO Breaking : BALCO के G-9 प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को विस्तृत पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि परियोजना में राजस्व नियमों, पर्यावरणीय प्रावधानों और प्रशासनिक आदेशों का खुला उल्लंघन किया गया है। उन्होंने इसे संगठित तरीके से किए गए अवैध कार्यों की श्रृंखला बताया है और तत्काल जांच की मांग उठाई है।
जंगल-मद भूमि पर निर्माण का आरोप
अग्रवाल के अनुसार खसरा नंबर 191/1 को जंगल-मद श्रेणी की भूमि होने के बावजूद BALCO ने इसे सामान्य भूमि बताते हुए दस्तावेज पेश किए और बिना आवश्यक अनुमतियों के निर्माण प्रारंभ कर दिया।
पेड़-कटाई के आंकड़ों में भारी अंतर
स्थल निरीक्षण में 440 से अधिक पेड़ पाए गए, जबकि BALCO द्वारा सिर्फ 172 पेड़ों का अंकन किया गया। इसे पर्यावरण नियमों के विपरीत बताते हुए अग्रवाल ने कहा कि वास्तविक संख्या छिपाकर गलत रिपोर्ट तैयार कराई गई।
अनुमति निरस्त होने के बाद भी जारी रहा निर्माण
3 जून 2025 को एसडीएम द्वारा अनुमति रद्द किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य न रुकना, नाला अवरोधन, सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण और बाउंड्रीवॉल निर्माण को अग्रवाल ने प्रशासनिक आदेश की अवमानना बताया है।
भूमिपूजन आयोजन पर सवाल
अनुमति निरस्त होने और जमीन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद भी 17 नवंबर को भूमिपूजन किए जाने को उन्होंने जनता को भ्रमित करने वाला कदम कहा है। मिनीमाता चौक से इंदिरा मार्केट जाने वाले मुख्य मार्ग के अवरोधन से व्यापारियों, विद्यार्थियों और सामान्य आवागमन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि ड्रेनेज लाइन और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण से जलभराव और संपत्ति नुकसान की स्थिति बनी है।
मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
अग्रवाल ने पूरे प्रोजेक्ट पर तत्काल रोक, भूमि एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों की उच्चस्तरीय जांच, फर्जी दस्तावेजों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने, सार्वजनिक मार्ग को खोलने और भूमि को मूल स्थिति में बहाल करने की मांग की है।
अग्रवाल का कहना है कि यह मामला केवल अवैध निर्माण का नहीं है, बल्कि कानून, पर्यावरण और नागरिक अधिकारों पर गहरा प्रभाव डालता है। अब यह देखने पर सबकी नजर है कि मुख्यमंत्री इस पर क्या निर्णय लेते हैं।



