सोनीपत, 11 सितंबर। Sexual Harrasment Case : हरियाणा के सोनीपत स्थित दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DCRUST), मुरथल में एक प्रोफेसर पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। कम से कम 38 छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत करते हुए हरियाणा सरकार से कार्रवाई की मांग की है। छात्राओं का आरोप है कि प्रोफेसर क्लास के दौरान अश्लील टिप्पणियां करते हैं, उन्हें घूरते हैं और अलग-अलग बहानों से करीब आकर गलत तरीके से छूने की कोशिश करते हैं।
क्लास में पढ़ाई की जगह अश्लील टिप्पणियों का आरोप
शिकायत करने वाली छात्राओं का कहना है कि प्रोफेसर कथित तौर पर क्लास में पढ़ाई के बजाय आपत्तिजनक और अश्लील बातें करते हैं। छात्राओं के मुताबिक, वह निजी और असहज करने वाले सवाल पूछते हैं तथा ऐसी टिप्पणियां करते हैं, जिससे क्लास का माहौल असहज हो जाता है।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर लड़कियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए उनसे प्रपोज करने जैसे निजी सवाल भी पूछते हैं।
अकेले में पास आने और गलत तरीके से छूने का आरोप
छात्राओं के आरोपों के मुताबिक, प्रोफेसर कई बार अलग-अलग बहाने से उनके पास आने और उन्हें छूने की कोशिश करते हैं। एक छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे अकेला पाकर प्रोफेसर ने आपत्तिजनक तरीके से साथ चलने की बात कही।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रोफेसर के व्यवहार से कई छात्राएं मानसिक रूप से परेशान और असहज महसूस कर रही हैं।
शिकायत करने पर झूठे केस में फंसाने का आरोप
छात्राओं ने प्रोफेसर पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि परीक्षा में नकल जैसे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है और शिकायत करने पर कार्रवाई नहीं होने की बात कही जाती है।
छात्राओं के मुताबिक, उन्होंने पहले भी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और अकादमिक स्तर पर शिकायतें की थीं, लेकिन कथित तौर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद छात्राओं ने अब हरियाणा सरकार से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
CM नायब सैनी से कार्रवाई की गुहार
38 छात्राओं ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की अपील की है। छात्राओं की मांग है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोष साबित होने पर प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
छात्राओं ने प्रोफेसर को पद से हटाने या टर्मिनेट करने की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगी।
अब जांच और कार्रवाई पर टिकी नजर
मामले में छात्राओं की शिकायतों और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच बेहद महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल सामने आए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा। छात्राओं का कहना है कि वे सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल चाहती हैं और इसी को लेकर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रही हैं।











