रायपुर, 28 अप्रैल। Safety Concern : राजधानी रायपुर के करेंसी टावर में हुई लिफ्ट घटना ने कुछ समय के लिए लोगों में दहशत का माहौल बना दिया। लिफ्ट के बीच में रुक जाने से अंदर फंसे लोगों की आवाजें बाहर तक सुनाई देने लगीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इस घटना के बाद इमारत की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर तब जब यह एक आधुनिक और हाईटेक बिल्डिंग मानी जाती है।
घटना के बाद हुई जांच में चौंकाने वाली तकनीकी खामी सामने आई है। करेंसी टावर में कैप्सूल लिफ्ट क्रमांक 02 के लिए डीजल जनरेटर और यूपीएस दोनों बैकअप सिस्टम मौजूद थे, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित होते ही ऑटोमैटिक चेंजओवर सिस्टम में खराबी आ गई। इस वजह से यूपीएस भी सही तरीके से काम नहीं कर पाया और लिफ्ट को निरंतर बिजली नहीं मिल सकी, जिसके चलते वह बीच में ही रुक गई।
7 दिन में सुधार के निर्देश, सख्त चेतावनी जारी
मुख्य विद्युत निरीक्षकालय ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा में सुधार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी बताया गया कि संबंधित लिफ्ट अभी वारंटी पीरियड में है, जो 23 जनवरी 2027 तक प्रभावी है, इसलिए मरम्मत कार्य तेजी से किया जा रहा है।
नियमों के तहत बिजली काटने तक की कार्रवाई संभव
अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के नियम 2023 के विनियम 32 के तहत 48 घंटे का नोटिस जारी कर बिजली सप्लाई बंद की जा सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बड़े और आधुनिक भवनों में लगे सेफ्टी सिस्टम कितने भरोसेमंद हैं। नियमित जांच और मेंटेनेंस की जरूरत को लेकर अब लोगों की चिंता और भी बढ़ गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



