कोरबा

Power Employees Protest : कोरबा में बिजली कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन…! ‘ढोल बजाओ, प्रबंधन जगाओ’ आंदोलन से गूंजा मुख्यालय…यहां देखें VIDEO

विद्युत कर्मचारियों का हल्लाबोल

कोरबा, 08 जून। Power Employees Protest : छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के बैनर तले सोमवार को कोरबा पश्चिम (उत्पादन) मुख्यालय में कर्मचारियों ने ‘ढोल बजाओ, प्रबंधन जगाओ’ अभियान के तहत विशाल प्रदर्शन किया। आंदोलन में बड़ी संख्या में नियमित, संविदा और ठेका कर्मचारी शामिल हुए।

कर्मचारियों ने पैदल रैली निकालकर ढोल-नगाड़ों और जोरदार नारेबाजी के माध्यम से अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शन के बाद आयोजित आमसभा में यूनियन नेताओं ने सरकार और प्रबंधन पर कर्मचारियों की मांगों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया।

यूनियन की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, ठेका प्रथा समाप्त करना, प्रीमियम रहित कैशलेस चिकित्सा सुविधा, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, 1 अप्रैल 2026 से लंबित वेज रिवीजन के लिए समिति गठन और कोरबा में निर्माणाधीन 1320 मेगावाट विद्युत संयंत्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार देना शामिल है।

आमसभा के बाद प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी, मुख्य अतिथि पी.के. पाठक और केंद्रीय पर्यवेक्षक ए.जे. सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने विद्युत कंपनी के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह (आईएएस) के नाम मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा।

सभा को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कहा कि कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा करने में लगातार देरी हो रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

मुख्य अतिथि पी.के. पाठक ने कहा कि प्रबंधन की उदासीनता के कारण कर्मचारियों को प्रतीकात्मक आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने विद्युत कंपनियों में छह हजार से अधिक रिक्त पदों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भर्ती नहीं होने से उत्पादन और वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

केंद्रीय पर्यवेक्षक ए.जे. सिंह ने कहा कि ढोल बजाना केवल प्रतीक है, असल में कर्मचारी खुद को उपेक्षित और शोषित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी विद्युत कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

यूनियन नेताओं ने कहा कि अंबिकापुर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब बस्तर तक पहुंचेगा और मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। कार्यक्रम में कोरबा, कटघोरा, पाली और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

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