Mahendra Goenka Arrest : रायपुर के बिजनेसमैन पर 1000 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का आरोप…! दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा
अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज
रायपुर, 20 जुलाई। Mahendra Goenka Arrest : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका को करीब 1000 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। अदालत में पेशी के बाद उन्हें 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। मामला मध्यप्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है।
आरोप है कि महेंद्र गोयनका ने अपनी पत्नी और सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों और कथित जाली हस्ताक्षरों के जरिए कंपनी के दो डायरेक्टरों को हटवाकर उनकी जगह अन्य लोगों को नियुक्त कराया और कंपनी के नियंत्रण पर कब्जा करने की कोशिश की। साथ ही कंपनी के वित्तीय लेनदेन में अनियमितता और माल के कथित गबन के आरोप भी लगाए गए हैं।
बताया गया कि यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में महेंद्र गोयनका प्रबंधन के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत थे। इसी दौरान कंपनी के नियंत्रण और वित्तीय लेनदेन को लेकर विवाद सामने आया।
2024 में दर्ज हुई थी FIR
इन आरोपों के आधार पर वर्ष 2024 में कोलकाता में IPC की धारा 420, 120-बी, 467, 468 और 471 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इसी केस में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तारी कर उन्हें कोलकाता ले जाकर पूछताछ शुरू की है।
कटनी में भी दर्ज हैं मामले
कटनी के हटाए गए डायरेक्टरों की शिकायत पर कटनी कोतवाली और माधवनगर थाने में भी जालसाजी और धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। इनमें महेंद्र गोयनका के अलावा कई अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज
जानकारी के मुताबिक, इस मामले में आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं लोअर कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक से खारिज हो चुकी हैं। कुछ आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
NCLT ने भी की थी टिप्पणी
9 मई 2025 को NCLT मुंबई पीठ ने महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी से जुड़े वित्तीय लेनदेन पर गंभीर टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा उनकी एक अन्य कंपनी निसर्ग इस्पात से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच का उल्लेख सामने आया है।
फिलहाल कोलकाता पुलिस रिमांड के दौरान पूरे कथित वित्तीय नेटवर्क, दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है। यह मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। महेंद्र गोयनका पर लगे आरोप अभी न्यायालय में सिद्ध होना बाकी हैं।






