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KORBA: संकल्प बजट पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन से भिड़े पूर्व राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, मंत्री बोले.ये आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का ठोस संकल्प,पूर्व मंत्री ने कहा.. जुमले का बजट, चुनावी वादों को भूल गई सरकार

रायपुर/कोरबा।CG Budget 2026 छत्तीसगढ़ सरकार के वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर कोरबा में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और पूर्व राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल आमने-सामने आ गए हैं। मंत्री लखन लाल देवांगन ने वित्तमंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किए गए संकल्प बजट 2026-27 को राज्य को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक, संतुलित और दूरदर्शी बजट बताया है। वहीं पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि ये आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में पूरी तरह असफल रहा है।

0.उद्योग मंत्री का दावा: निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति

 

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए के अनुमानित प्रावधान वाला यह बजट राज्य की आर्थिक संरचना को सुदृढ़ करने के साथ निवेश, औद्योगिक विस्तार और व्यापक रोजगार सृजन की स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत करता है।

देवांगन ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत सिंगल विंडो सिस्टम और जन विश्वास अधिनियम जैसे सुधारों से उद्योगों को पारदर्शी और सुगम वातावरण मिल रहा है। वर्ष 2024-25 में उद्योग विभाग का बजट 648 करोड़ रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 1,750 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि “संकल्प 2026-27” आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का ठोस संकल्प है।

0.जिन वायदे के चलते सरकार में आए हैं उन वायदे पर कोई जिक्र नहीं: जय सिंह अग्रवाल

 

पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल Jai Singh Agrawal ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में पूरी तरह असफल रहा है।

उन्होंने कहा कि बजट में किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और मध्यम वर्ग के लिए कोई ठोस प्रावधान नजर नहीं आता। सरकार ने बड़े-बड़े दावे तो किए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत देने वाले ठोस कदमों का अभाव है।

अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार को जनहितकारी योजनाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए था, लेकिन बजट में प्राथमिकताएं स्पष्ट नहीं दिखतीं।

उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और शहरी व ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ठोस वित्तीय प्रावधान आवश्यक थे।

पूर्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि जिन वायदे के चलते सरकार में आए हैं उन वायदे पर कोई जिक्र नहीं है। कुल मिलाकर यह बजट जूमले का बजट हो गया है।

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