
कोरबा। DEO Korba Action on School जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कोरबा ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तुलसीनगर स्थित कौशिल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की मान्यता और संचालन अनुमति को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्कूल प्रबंधन को तीन दिनों के भीतर सभी छात्र-छात्राओं की कक्षावार सूची सौंपने का अल्टीमेटम दिया है, ताकि बच्चों को नजदीकी शासकीय स्कूलों में शिफ्ट (समायोजित) किया जा सके और उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो।
शिकायत जांच में सही पाए गए आरोप
विभागीय आदेश के अनुसार, ‘गौरव युवा मंडल तुलसीनगर कोरबा’ द्वारा संचालित इस स्कूल के खिलाफ शिकायत मिली थी कि यह संस्थान बीते कई वर्षों से शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करके चलाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने इसकी जांच कराई, तो अवैध कब्जे के आरोपों की शत-प्रतिशत पुष्टि हुई।
जिला स्तरीय समिति के फैसले के बाद कड़ा एक्शन
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिला स्तरीय समिति की बैठक में इस गंभीर मामले पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इसके तुरंत बाद संस्था को पूर्व में जारी की गई विभागीय अनुमति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। अनुमति निरस्त होते ही अब स्कूल की मान्यता समाप्त करने और इसके संचालन को पूरी तरह बंद करने की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
छात्रों के भविष्य को लेकर विभाग सतर्क
डीईओ ने स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रबंधन को मात्र तीन दिन का समय दिया गया है। तय समय सीमा में विद्यार्थियों की सूची मांगी गई है ताकि सत्र के बीच में उनके भविष्य या पढ़ाई पर कोई विपरीत असर न पड़े। सभी प्रभावित छात्र-छात्राओं को पास के अन्य मान्यता प्राप्त और शासकीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा।
उच्च न्यायालय और कलेक्टर को भेजी गई रिपोर्ट
इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने आदेश की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (बिलासपुर), लोक शिक्षण संचालनालय (रायपुर), कलेक्टर कोरबा, पुलिस अधीक्षक कोरबा और संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग (बिलासपुर) समेत तमाम संबंधित उच्चाधिकारियों को भेज दी है। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध रूप से संचालित अन्य संस्थानों में हड़कंप मच गया है।





