Korba Municipality : सड़कों पर घूमते मिले मवेशी तो कलेक्टर ने दो CMO को थमाया नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब…लापरवाही पर प्रशासन सख्त

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Korba Municipality

कोरबा, 08 सितंबर। Korba Municipality : कोरबा जिले के नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर खुले में घूमते मवेशियों और उनके उचित व्यवस्थापन को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम के निर्देश के बावजूद सड़क पर मवेशियों के विचरण की समस्या को गंभीरता से नहीं लेने पर कटघोरा और छुरीकला नगरीय निकाय के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों से तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।

विशिष्ट अतिथियों के भ्रमण के दौरान भी सड़क पर मिले मवेशी

जानकारी के मुताबिक सड़क सुरक्षा और प्रोटोकॉल कार्यक्रम के तहत विशिष्ट अतिथियों के भ्रमण को देखते हुए एसडीएम कटघोरा ने संबंधित नगरीय निकायों को सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने और उचित व्यवस्थापन के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद 29 अगस्त 2026 को विशिष्ट अतिथियों के भ्रमण के दौरान सड़कों पर मवेशी विचरण करते पाए गए। प्रशासन ने इसे पूर्व में जारी निर्देशों की अनदेखी माना है।

कटघोरा और छुरीकला के CMO से मांगा जवाब

कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस के अनुसार नगर पालिका परिषद कटघोरा के CMO मुद्रिका प्रसाद तिवारी और नगर पंचायत छुरीकला के CMO मोहर लाल गहवरिया से तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस में कहा गया है कि केवल वीआईपी या विशिष्ट अतिथियों के भ्रमण के दौरान ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के उचित व्यवस्थापन के लिए निकायों की कार्रवाई की प्रगति नगण्य रही है।

खुले में मवेशियों से सड़क हादसों का खतरा

प्रशासन की चिंता सिर्फ प्रोटोकॉल व्यवस्था तक सीमित नहीं है। सड़कों पर खुले में घूमते मवेशियों से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। व्यस्त मार्गों पर अचानक मवेशियों के सामने आ जाने से वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ सकता है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है। इसी वजह से नगरीय निकायों को मवेशियों के व्यवस्थापन को लेकर लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देशों की अनदेखी को माना कर्तव्य में लापरवाही

कलेक्टर के नोटिस में कहा गया है कि मवेशियों के विचरण को रोकने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए दिए गए निर्देशों का विधिसम्मत पालन नहीं होना कार्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। उच्च अधिकारियों के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लेना भी कर्तव्य के प्रति तत्परता के अभाव के रूप में देखा गया है। अब दोनों CMO के स्पष्टीकरण के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई तय करेगा। कलेक्टर की इस कार्रवाई को सड़क सुरक्षा और नगरीय व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।

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