कोरबा। एटक नेता दीपेश मिश्रा ने छत्तीसगढ़ सरकार के बजट को लेकर कहा कि यह विशुद्ध रूप से आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पेश किया गया ख्याली पुलाव का सियासी पैंतरा है, जो जन आकांक्षाओं के पैमाने और धरातल की उम्मीदों से कोसों दूर है। यह बजट प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं के कसौटी के अनुरूप नहीं है, बल्कि जन अपेक्षाओं की अनदेखी पेश करता है। साय सरकार के बजट में बताए गए प्रावधानों को देखकर ऐसा लगता है कि यह पूरी तरह आसन्न लोक सभा चुनाव को सामने रखकर तैयार किया गया है, जिसमें जनता को आकर्षित करने का छद्म स्पष्ट दिखाई देता है। सरकार ने बजट में दावा किया है कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाएंगे, जो ख्याली पुलाव मात्र है। इसके साथ ही बजट में यह भी कहा गया है कि राज्य की वर्तमान में जीडीपी 5 लाख करोड़ है, वह अगले 5 साल मे 10 लाख करोड़ ले जाने का सिर्फ लक्ष्य बनाया है। वास्तव में यह हो पाएगा कि नहीं उसमें संदेह है। इसी तरह बेरोजगारों के रोजगार सृजन के कोई उपाय बजट में नहीं है। असंगठित मजदूरों के कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट मे कोई प्रावधान नहीं किया गया है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि प्रदेश के समस्त जिलों में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले कोरबा जिले की बजट में पूरी तरह उपेक्षा की गई है।
Related Articles
Korba Breaking: IAS अफसर पर भड़के PG कॉलेज के प्राध्यापक, दुर्व्यवहार और धमकी के आरोप से मचा हड़कंप
4 hours ago
Big Breaking: 2,550 करोड़ की पैरी परियोजना पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, टेंडर रोकने की कोशिश नाकाम, कंपनी की याचिका खारिज
4 hours ago




