कोरबा। झाबू राखड़ डेम कांड में कार्रवाई की पहली आंच अधीक्षण अभियंता पीतांबर नेताम तक पहुंची और उन्हें हटा दिया गया, लेकिन असली सवाल अब भी खड़ा हैक्या राखड़ ट्रांसपोर्ट करने वाले ठेकेदार शंकर इंजीनियरिंग पर भी कार्रवाई होगी या उसे बचाने की तैयारी चल रही है?
डेम की ऊंचाई बढ़ाने के लिए राख लोडिंग के दौरान बांध फूटने से दूषित पानी नदी में बहा, जिससे पर्यावरण और स्थानीय लोगों पर गंभीर असर पड़ा। मामले ने तूल पकड़ा तो सीएसईबी प्रबंधन ने तुरंत नेताम को हटा दिया, लेकिन अब निगाहें उस ठेकेदार पर टिक गई हैं, जो पूरे ऑपरेशन का अहम हिस्सा था।
सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में “राख से रकम” बनाने वाले नेटवर्क की भी एंट्री सामने आ रही है। अंदरखाने यह चर्चा तेज है कि कहीं ठेकेदार को बचाने के लिए सेटिंग तो नहीं हो रही? क्या जांच सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित रह जाएगी या फिर जिम्मेदार सभी लोगों पर कार्रवाई होगी?
सबसे बड़ा सवाल यही है क्या शंकर इंजीनियरिंग ब्लैकलिस्ट होगा या उसे अभयदान मिल जाएगा?फिलहाल, प्रशासन की अगली चाल पर सबकी नजर है। अगर ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह मामला और ज्यादा विवादों में घिर सकता है।



