बिलासपुर, 29 अक्टूबर। Fly Ash Pollution : छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कोरबा जिले में फ्लाई ऐश प्रदूषण और सड़कों की जर्जर हालत पर गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को कठोर निर्देश जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि, सिर्फ अस्थायी मरम्मत से जनता को राहत नहीं मिल सकती, स्थायी समाधान जरूरी है।
अदालत ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव को दो सप्ताह के भीतर स्थायी सड़क निर्माण की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। साथ ही BALCO और NTPC के सीएमडी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें उन्हें यह बताना होगा कि अब तक प्रदूषण नियंत्रण और सड़क सुधार के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
इसके अलावा, नगर निगम कोरबा को भी इस मामले में पक्षकार बनाया गया है ताकि शहरी क्षेत्र में फ्लाई ऐश और सड़क रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जा सके। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 14 नवंबर 2025 निर्धारित की है।
लंबे समय से फ्लाई ऐश प्रदूषण से जूझ रहा है
कोरबा, जिसे ‘छत्तीसगढ़ की ऊर्जा राजधानी’ कहा जाता है, लंबे समय से फ्लाई ऐश प्रदूषण और सड़कों की बदहाली से जूझ रहा है। थर्मल पावर प्लांट्स और कोयला खदानों से निकलने वाली राख (Fly Ash) के उचित निपटान में लापरवाही के कारण हवा और पानी दोनों प्रदूषित हो रहे हैं। वहीं, भारी वाहनों की आवाजाही और देखरेख की कमी से शहर की सड़कों की हालत बेहद खराब है।
इस स्थिति से परेशान होकर स्थानीय नागरिकों ने जनहित याचिका (PIL) दायर की थी, जिस पर बुधवार को मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सुनवाई की।
अदालत की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, कोरबा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में जनता की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी नहीं की जा सकती। सड़कें और स्वच्छ वातावरण नागरिकों का अधिकार हैं।
न्यायालय ने फ्लाई ऐश के खुले परिवहन और डंपिंग पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि यह न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है।
आगे की कार्रवाई
अदालत ने सभी संबंधित औद्योगिक इकाइयों से यह भी पूछा है कि उन्होंने अब तक फ्लाई ऐश प्रबंधन और सड़क सुधार के लिए क्या कदम उठाए हैं और क्यों उनके प्रयास “सिर्फ अस्थायी मरम्मत तक” सीमित रहे हैं। अगली सुनवाई में न्यायालय के समक्ष संबंधित विभागों और कंपनियों को अपनी प्रगति रिपोर्ट और भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत करनी होगी।












