
कोरबा। Korba Fly Ash Dumping कोथारी सड़क किनारे बड़ी मात्रा में फ्लाई ऐश (राख) डंप किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और स्थानीय लोगों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी प्रसन्ना सोनकर ने सीएसईबी प्रबंधन के फ्लाई ऐश यूटिलाइजेशन यूनिट से स्पष्टीकरण तलब किया है।
जानकारी के अनुसार, HEMS कॉरपोरेशन द्वारा सीएसईबी से प्राप्त राख को निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति के बिना सड़क किनारे डंप किए जाने का आरोप है। वायरल वीडियो में सड़क किनारे फैली राख साफ दिखाई दे रही है, जिससे पर्यावरणीय नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सवालों के घेरे में कार्रवाई की रफ्तार
हालांकि पर्यावरण विभाग द्वारा जवाब तलब किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऐसे मामलों में अक्सर कार्रवाई केवल पत्राचार तक सीमित रह जाती है। लोगों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन के बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से अवैध डंपिंग का सिलसिला जारी रहता है।
“लेटर-लेटर” के खेल पर उठे सवाल
क्षेत्र में चर्चा इस बात की भी है कि पर्यावरणीय मामलों में अक्सर विभागीय कार्रवाई नोटिस और जवाब तक ही सिमट जाती है। नोटिस जारी होते हैं, जवाब मांगे जाते हैं, लेकिन जमीन पर प्रभावी कार्रवाई और जवाबदेही तय करने के मामले कम ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में कोथारी सड़क पर राख डंपिंग के इस मामले में भी लोगों की निगाहें विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार फ्लाई ऐश का अनियंत्रित डंपिंग न केवल पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन है, बल्कि इससे आसपास के क्षेत्रों में धूल प्रदूषण बढ़ने और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका भी रहती है। बरसात के मौसम में यह राख बहकर जलस्रोतों और कृषि भूमि को भी प्रभावित कर सकती है।
अब देखना होगा कि पर्यावरण विभाग की यह कार्रवाई केवल नोटिस और जवाब तक सीमित रहती है या फिर नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पक्षों पर कोई ठोस कार्रवाई भी होती है।






