नई दिल्ली, 06 सितंबर। Delhi Building Collapse : दिल्ली में हो रही मूसलाधार बारिश के बीच दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत में PG संचालित हो रहा था, जिसके चलते छात्रों के अंदर फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
दोपहर 1:33 बजे मिली सूचना, मौके पर पहुंचीं 12 फायर टेंडर
पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को नानकपुरा गुरुद्वारे के पास इमारत गिरने की सूचना मिली। फायर डिपार्टमेंट को भी करीब 1:33 बजे घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड, CAT एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं।
फायर डिपार्टमेंट की करीब 12 गाड़ियां राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं। NDRF की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। शुरुआती कार्रवाई में कई लोगों को मलबे से बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई है और घायलों को अस्पताल भेजा गया है।
PG में रहते थे छात्र, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका
बताया जा रहा है कि हादसे वाली इमारत में PG चल रहा था। ऐसे में रेस्क्यू टीमों को आशंका है कि मलबे में कई छात्र और अन्य लोग फंसे हो सकते हैं। कुछ लोगों के अंदर से फोन कॉल किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
स्थानीय लोग भी बचाव दल की मदद कर रहे हैं। फिलहाल मलबे में कितने लोग फंसे हैं, इसका आधिकारिक आंकड़ा स्पष्ट नहीं है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्थिति की सही तस्वीर सामने आ सकेगी।
विधायक अनिल शर्मा बोले- छात्रों को बचाना पहली प्राथमिकता
आरके पुरम के विधायक अनिल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और इमारत में अलग-अलग जगहों से आए छात्र PG में रह रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अंदर कितने लोग फंसे हैं, लेकिन छात्रों के अंदर होने की जानकारी है।
विधायक के मुताबिक, NDRF और MCD की टीमों ने कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। उन्होंने बताया कि कुछ छात्र अंदर से संपर्क करने की कोशिश भी कर रहे हैं। प्रशासन का पूरा फोकस फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।
CM रेखा गुप्ता ने लिया संज्ञान, पास की इमारत खाली कराई
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताते हुए कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एहतियात के तौर पर हादसे के पास वाली इमारत को खाली करा लिया गया है। उन्होंने कहा कि फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
NSUI ने सरकार पर उठाए सवाल, जांच और जवाबदेही की मांग
सत्य निकेतन हादसे को लेकर NSUI ने भी सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। संगठन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि मलबे में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के दबे होने की जानकारी सामने आ रही है और छात्रों की सुरक्षा को लेकर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
https://x.com/nsui/status/2096521277351878826
NSUI ने राहत-बचाव अभियान तेज करने के साथ घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने दिल्ली सरकार, MCD और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों से सवाल करते हुए कहा कि छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।












