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Korba Breaking: डुप्लीकेट यूरिया कांड के बाद श्रद्धा फ्यूल्स का ‘बचावनामा’! “मैं मौके पर नहीं था, मेरी कोई संलिप्तता नहीं”… फिर पंप पर जिम्मेदार कौन?

कोरबा। Korba Duplicate Urea Scam डुप्लीकेट यूरिया पकड़े जाने के बाद श्रद्धा फ्यूल्स की ओर से जारी किया गया सार्वजनिक स्पष्टीकरण अब मामले को और गरमाता नजर आ रहा है। कार्रवाई के बाद सामने आए इस पत्र में पंप संचालक कुशल मनहर ने घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं होने और किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। साथ ही पूरी घटना को एक अनुभवहीन व्यक्ति की कथित अधूरी जानकारी का नतीजा बताया गया है। लेकिन यहीं से सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है…!

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संचालक मौके पर नहीं थे तो पंप पर चल क्या रहा था?”

पंप संचालक का कहना है कि उन्होंने HPCL के निर्धारित नियमों और मानकों का कोई उल्लंघन नहीं किया। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि घटना HPCL द्वारा निर्धारित PESO स्वीकृत लेआउट/डायग्राम के दायरे से बाहर हुई।

लेकिन अगर मामला पंप परिसर से जुड़ा है तो सवाल सिर्फ संचालक की मौके पर मौजूदगी का नहीं है। उस वक्त पंप पर कौन था? गतिविधि किसकी निगरानी में चल रही थी? कर्मचारियों की भूमिका क्या थी? और जिस जगह से मामला सामने आया, वहां सुरक्षा एवं संचालन की जिम्मेदारी किसकी थी?

बचावनामा आया, लेकिन सवालों की फेहरिस्त और लंबी हो गई

स्पष्टीकरण में संचालक ने खुद को घटना से पूरी तरह अलग बताते हुए कहा है कि उनकी कोई संलिप्तता नहीं है। पत्र में एक अन्य व्यक्ति द्वारा उनके पुत्र को कथित तौर पर गुमराह किए जाने की बात भी कही गई है।

अब सवाल यह है कि अगर संचालक की कोई भूमिका नहीं थी और घटना किसी दूसरे व्यक्ति की गलती से हुई, तो पंप परिसर में ऐसी गतिविधि तक पहुंच आखिर बनी कैसे?

सिर्फ यह कहना कि “मैं मौके पर नहीं था” जांच के सवालों का पूरा जवाब नहीं हो सकता। जिम्मेदारी केवल मौके पर खड़े व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे संचालन तंत्र की भी जांच का विषय बनती है।

CCTV खोलेगा राज या कागजों में ही खत्म हो जाएगा मामला?

अब इस पूरे मामले में सबसे अहम हो सकते हैं CCTV फुटेज, पंप के रिकॉर्ड, कर्मचारियों की मौजूदगी, स्टॉक से जुड़े दस्तावेज और घटना के समय की गतिविधियों का विवरण। इन्हीं से पता चल सकता है कि डुप्लीकेट यूरिया से जुड़ा मामला आखिर पंप परिसर तक कैसे पहुंचा और वहां क्या गतिविधियां चल रही थीं।

पंप संचालक का स्पष्टीकरण उनका पक्ष है। उनके दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। लेकिन फिलहाल हालात ऐसे हैं कि सफाई देने के बाद भी कई सवाल जस के तस खड़े हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है: डुप्लीकेट यूरिया पकड़ा गया, संचालक बोले “मैं मौके पर नहीं था”… तो फिर उस वक्त पंप पर जिम्मेदारी किसकी थी?

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