कोरबा। SECL Mining Supervisor Charge Allowance साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की खदानों में कार्यरत माइनिंग सुपरवाइजरों के लिए एक घंटे के चार्ज अलाउंस की मांग तेज हो गई है। कोयला श्रमिक संघ (सीटू) ने SECL के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर और मानव संसाधन निदेशक को पत्र भेजकर सभी माइनिंग सुपरवाइजरों को यह लाभ देने की मांग की है।
सीटू के महासचिव वी.एम. मनोहर ने अपने पत्र में कहा है कि SECL की सभी उत्पादक खदानों और इकाइयों में कार्यरत माइनिंग सुपरवाइजर उत्पादन के साथ-साथ खदानों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें एक घंटे के चार्ज अलाउंस का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
दूसरी कोल कंपनियों में मिल रहा लाभ
संघ ने पत्र में उल्लेख किया है कि ईसीएल (ECL), बीसीसीएल (BCCL) और कोल इंडिया की अन्य सहायक कंपनियों में माइनिंग सुपरवाइजरों को एक घंटे का चार्ज अलाउंस देने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में SECL के माइनिंग सुपरवाइजरों को इसी लाभ से वंचित रखना उचित नहीं है।
सीटू का कहना है कि SECL कोल इंडिया की प्रमुख सहायक कंपनियों में शामिल है और कोयला उत्पादन व डिस्पैच के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। जब दूसरी सहायक कंपनियों में यह सुविधा दी जा रही है तो SECL के कर्मचारियों के लिए भी एक समान नीति लागू की जानी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था को भी मिलेगा फायदा
संघ ने तर्क दिया है कि अतिरिक्त एक घंटे का चार्ज अलाउंस मिलने से माइनिंग सुपरवाइजरों द्वारा सुरक्षा निरीक्षण, निगरानी और खदानों के संचालन को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
पत्र में यह भी कहा गया है कि इस मुद्दे को पहले स्टियरिंग कमेटी/SECL IR बैठक में उठाया जा चुका है, लेकिन इसे अब तक क्रियान्वयन के लिए आगे नहीं बढ़ाया गया।
कोल इंडिया से स्पष्टीकरण की मांग
सीटू ने SECL प्रबंधन से मांग की है कि वह कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) से एक घंटे के चार्ज अलाउंस के संबंध में स्पष्टता प्राप्त करे और SECL में माइनिंग सुपरवाइजर कैडर के सभी कर्मचारियों के लिए इसका लाभ लागू करे।
संघ ने कहा है कि कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों में भत्तों को लेकर एकरूपता होनी चाहिए। अलग-अलग कंपनियों में अलग-अलग व्यवस्था होने से कर्मचारियों में असंतोष पैदा हो रहा है। सीटू ने प्रबंधन से मामले में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।












