रायपुर, 15 जुलाई। Chhattisgarh Assembly : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान महिला सुरक्षा के मुद्दे पर प्रश्नकाल में जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिला। संजारी बालोद से कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा द्वारा प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों और नाबालिग बच्चियों के अपहरण के आंकड़े पेश किए जाने के दौरान उनके एक बयान ‘यह संख्या और बढ़ेगी’ पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। इसके बाद सदन में भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक, टोका-टाकी और हंगामा शुरू हो गया।
एक बयान पर मचा बवाल
महिला अपराधों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए संगीता सिन्हा ने कहा कि यदि प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो “यह संख्या और बढ़ेगी।” इसी टिप्पणी पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, भावना बोहरा और सुशांत शुक्ला ने कड़ा ऐतराज जताया।
भाजपा विधायकों ने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष प्रदेश में महिला अपराध बढ़ने की आशंका या अपेक्षा जता रहा है? इसके बाद सदन का माहौल काफी गर्म हो गया।
महिला अपराधों के आंकड़े रखे
संगीता सिन्हा ने सदन में बताया कि:
- दुष्कर्म के मामले
- 2024: 3096
- 2025: 3070
- 2026 (करीब साढ़े पांच महीने): 1550
- नाबालिग बच्चियों के अपहरण
- 2023: 2300
- 2025: 3040
- 2026 (करीब साढ़े पांच महीने): 1746
उन्होंने मांग की कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में कम से कम एक-एक महिला थाना खोला जाए।
चरणदास महंत ने किया समर्थन
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर बताते हुए महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने भी सभी जिलों में महिला थाने स्थापित करने की मांग का समर्थन किया।
गृहमंत्री विजय शर्मा का जवाब
गृहमंत्री विजय शर्मा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आई है।
उन्होंने बताया कि, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के अंतिम ढाई वर्षों में 18,323 मामले दर्ज हुए। वर्तमान सरकार के शुरुआती ढाई वर्षों में यह संख्या 16,803 रही।
गृहमंत्री ने यह भी कहा कि सभी जिलों में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं और आगामी समय में शेष जिलों में भी महिला थानों के विस्तार की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।












