
CG News: रायपुर। पेट्रोल-डीजल संकट के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को ड्रम और जरीकेन में डीजल उपलब्ध कराने की अनुमति देने का फैसला किया है, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों।
CG News: खेती के काम नहीं होंगे प्रभावित
मुख्यमंत्री साय ने पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता की समीक्षा के बाद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खेतों की जुताई के लिए ट्रैक्टरों तथा सिंचाई पंपों के संचालन हेतु किसानों को जरूरत के मुताबिक डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
CG News: किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़: साय
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और खेती की तैयारियों में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने खाद्य विभाग, जिला प्रशासन और ऑयल कंपनियों को निर्देशित किया कि किसानों को समय पर और बिना किसी कठिनाई के डीजल उपलब्ध कराया जाए।
CG News: ड्रम और जरीकेन पर था प्रतिबंध
बता दें कि खाद्य विभाग ने 22 मई को जारी निर्देश में पेट्रोल और डीजल के दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों से ड्रम और जरीकेन में ईंधन देने पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि खरीफ सीजन और किसानों की जरूरतों को देखते हुए इस व्यवस्था में आवश्यक छूट दी गई है, ताकि जुताई, बोवाई और सिंचाई का काम प्रभावित न हो।
CG News: प्रदेश में पर्याप्त ईंधन स्टॉक:खाद्य सचिव
खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने बताया कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश में 4 करोड़ 03 लाख लीटर पेट्रोल और 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है। वहीं 24 मई 2026 को राज्य को 23 लाख 33 हजार लीटर पेट्रोल और 62 लाख 40 हजार लीटर डीजल की अतिरिक्त आपूर्ति प्राप्त हुई है।
CG News: प्रशासन को सतत निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार खरीफ सीजन में खेती-किसानी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को जुताई, बोवाई और सिंचाई के लिए डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को सतत निगरानी और समन्वय के निर्देश दिए गए हैं।



