
बिलासपुर। बिलासपुर रेंज में पुलिसिंग का तरीका बदलता नजर आ रहा है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग द्वारा शुरू की गई ‘अनुभव-QR feedback system क्यूआर आधारित जन फीडबैक प्रणाली’ ने महज 8 से 10 दिनों में असर दिखाना शुरू कर दिया है।
6 फरवरी से लागू इस व्यवस्था के तहत रेंज के सभी थानों और पुलिस कार्यालयों में क्यूआर कोड QR feedback system लगाए गए हैं। कोई भी फरियादी या नागरिक इसे स्कैन कर अपना अनुभव, शिकायत या सुझाव सीधे आईजी स्तर तक दर्ज कर सकता है। शुरुआत के दस दिनों में ही 500 से अधिक लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
मिली प्रतिक्रियाओं में जहां कई लोगों ने सकारात्मक सुझाव दिए, वहीं कुछ ने कमियों की ओर भी ध्यान दिलाया। निगेटिव फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए आईजी ने संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सुधार के निर्देश दिए हैं, ताकि थाने आने वाले नागरिक संतुष्ट होकर लौटें।
फीडबैक में थानों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई बातें सामने आईं। पेयजल व्यवस्था, बैठने की पर्याप्त सुविधा, स्वच्छता, बाउंड्री वॉल, स्टाफ की कमी और गश्त बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। रेंज स्तर पर रोजाना समीक्षा कर संबंधित जिलों को कार्रवाई के लिए निर्देश भेजे जा रहे हैं।
बिलासपुर और रायगढ़ जिलों से सबसे अधिक प्रतिक्रिया मिली है, जबकि कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, जीपीएम, सक्ती और सारंगढ़ से अपेक्षाकृत कम फीडबैक दर्ज हुआ है। इसे लेकर जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
आईजी रामगोपाल गर्ग के अनुसार, ‘अनुभव’ केवल शिकायत मंच नहीं बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसे का सेतु है। सकारात्मक सुझाव प्रेरणा देते हैं और नकारात्मक प्रतिक्रियाएं सुधार का अवसर। उद्देश्य है पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाना।



