रायपुर, 21 अगस्त। CG Ganja Smuggling : छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुकमा और गरियाबंद में गांजा तस्करी के दो मामलों का खुलासा किया है। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए गांजा छिपाने के ऐसे तरीके अपनाए, जिन्हें देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। एक मामले में गांजा नमक की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था, जबकि दूसरे में मेटाडोर के छहों टायरों के अंदर गांजा छिपाया गया था। दोनों कार्रवाइयों में कुल 459.50 किलो गांजा, जिसकी कीमत 2.40 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है, बरामद हुआ और चार आरोपी गिरफ्तार किए गए।
नमक की बोरियों के नीचे छिपा था 308 किलो गांजा
सुकमा जिले में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कृष्ण मंदिर चौक, ढोंडरा के पास नाकाबंदी की। ओडिशा की तरफ से आ रही राजस्थान नंबर की पिकअप को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान नमक की बोरियों के नीचे 150 पैकेट गांजा मिला। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे का वजन करीब 308.280 किलो था, जिसकी कीमत लगभग 1.54 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में राजस्थान निवासी शिव कुमार प्रजापति और उदय राम बलई को गिरफ्तार किया गया। वाहन समेत जब्त संपत्ति का कुल मूल्य 1.64 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।
गरियाबंद में टायर के अंदर छिपाकर ले जा रहे थे गांजा
दूसरी कार्रवाई गरियाबंद जिले के देवभोग इलाके में हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मेटाडोर के जरिए गांजे की खेप ले जाई जा रही है।
खुटगांव अंतरराज्यीय पुलिस चेक पोस्ट पर वाहन की जांच के दौरान पुलिस को मेटाडोर के छहों टायरों के अंदर छिपाकर रखा गया 151.50 किलो गांजा मिला। इसकी कीमत करीब 75.50 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस ने मौके से मध्यप्रदेश के छतरपुर निवासी रोहित पांडेय और ओडिशा के कालाहांडी निवासी रमेश नायक को गिरफ्तार किया। मेटाडोर की कीमत करीब 20.25 लाख रुपये बताई गई है।
459 किलो से ज्यादा गांजा, 2.40 करोड़ से अधिक का माल जब्त
दोनों मामलों को जोड़ें तो पुलिस ने कुल 459.50 किलो गांजा बरामद किया है। इसकी अनुमानित कीमत 2.40 करोड़ रुपये से अधिक है। चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
ओडिशा से दूसरे राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही सप्लायर और इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।















